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आचार संहिता उल्लंघन में भाजपा विधायक पर वारंट
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बांदा। विधान सभा चुनाव में प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोपी बांदा सदर क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी के विरुद्ध अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। वह कई पेशियों पर अदालत नहीं आए। अगली सुनवाई 5 नवंबर (मंगलवार) को होगी।
वर्ष 2017 में विधान सभा आम चुनाव में बांदा सदर क्षेत्र से भाजपा ने प्रकाश द्विवेदी को प्रत्याशी घोषित किया था। 24 जनवरी 2017 को वह प्रत्याशी घोषित होने के बाद लखनऊ से बांदा आए। उनकी अगुवानी के लिए तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल के नेतृत्व में करीब 85 चार पहिया व दो पहिया वाहनों का काफिला उनकी अगुवाई को शहर की सीमा में मवई बुजुर्ग के पास पहुंचा था।
यह काफिला बांदा शहर रवाना हुआ। निर्वाचन आयोग की ओर से इसकी वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। आरोप है कि इस दौरान प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी ने लोगों को 500-500 के नोट बांटे। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
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वीडियोग्राफी कर रही टीम के प्रभारी सुरेद्र कुुमार ने 28 जनवरी 2017 को शहर कोतवाली में प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 171-ई और लोक प्रतिनिधित्व की धारा 127-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। वीडियो की क्लिप भी तहरीर के साथ लगाई गई। तहरीर में यह भी कहा गया कि जुलूस और भीड़भाड़ से शहर के मार्गों पर जगह-जगह जाम लगा। जुलूस के लिए सिर्फ 25 वाहनों की अनुमति दी गई थी। जबकि काफिले में 85 वाहन शामिल थे। आचार संहिता उल्लंघन के और भी कई उल्लेख किए गए थे।
यह मामला यहां स्थित एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में विचाराधीन है। चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित हो चुके विधायक श्री द्विवेदी पिछली कई तारीखों में अदालत में उपस्थित नहीं हुए। शनिवार (2 नवंबर) को भी पेशी थी। इसमें भी वह नहीं आए। इस पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) ने विधायक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। इस पर अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।
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वर्ष 2017 में विधान सभा आम चुनाव में बांदा सदर क्षेत्र से भाजपा ने प्रकाश द्विवेदी को प्रत्याशी घोषित किया था। 24 जनवरी 2017 को वह प्रत्याशी घोषित होने के बाद लखनऊ से बांदा आए। उनकी अगुवानी के लिए तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पटेल के नेतृत्व में करीब 85 चार पहिया व दो पहिया वाहनों का काफिला उनकी अगुवाई को शहर की सीमा में मवई बुजुर्ग के पास पहुंचा था।
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यह काफिला बांदा शहर रवाना हुआ। निर्वाचन आयोग की ओर से इसकी वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। आरोप है कि इस दौरान प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी ने लोगों को 500-500 के नोट बांटे। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
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वीडियोग्राफी कर रही टीम के प्रभारी सुरेद्र कुुमार ने 28 जनवरी 2017 को शहर कोतवाली में प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी के विरुद्ध आईपीसी की धारा 171-ई और लोक प्रतिनिधित्व की धारा 127-ए के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। वीडियो की क्लिप भी तहरीर के साथ लगाई गई। तहरीर में यह भी कहा गया कि जुलूस और भीड़भाड़ से शहर के मार्गों पर जगह-जगह जाम लगा। जुलूस के लिए सिर्फ 25 वाहनों की अनुमति दी गई थी। जबकि काफिले में 85 वाहन शामिल थे। आचार संहिता उल्लंघन के और भी कई उल्लेख किए गए थे।
यह मामला यहां स्थित एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में विचाराधीन है। चुनाव जीतने के बाद निर्वाचित हो चुके विधायक श्री द्विवेदी पिछली कई तारीखों में अदालत में उपस्थित नहीं हुए। शनिवार (2 नवंबर) को भी पेशी थी। इसमें भी वह नहीं आए। इस पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) ने विधायक के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। इस पर अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।