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Banda News: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे...दो किमी में 12 से ज्यादा रेन कट
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फोटो-22-एक्सप्रेस वे के स्लोप पर हुआ मिट्टी कटान। अमर उजाला
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बांदा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बारिश का पानी अब सड़क के लिए खतरा बनता जा रहा है।
बांदा क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 54 से 56 के बीच चित्रकूट से औरैया की ओर जाने वाली लेन में जगह-जगह मिट्टी का काफी कटान हुआ है। करीब दो किलोमीटर के इस हिस्से में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर बड़े रेन कट बन गए हैं।
कई जगह स्लोप की मिट्टी बहकर नीचे आ गई है, जबकि बारिश का पानी निकालने के लिए बनाई गई पक्की नालियां भी धंस गई हैं। कहीं पुल की एप्रोच की मिट्टी कट गई है तो कहीं आरसीसी के नीचे तक कटान पहुंच गया है।
समय रहते इनकी मरम्मत नहीं हुई और बारिश जारी रही तो सड़क के नीचे की मिट्टी कटने से एक्सप्रेसवे के धंसने का खतरा बढ़ सकता है।
दृश्य एक : सात मीटर क्षेत्र की मिट्टी कटी
गांव मवई बुजुर्ग के पास किलोमीटर संख्या 54.4 पर चित्रकूट से औरैया की ओर जाने वाली लेन में करीब सात मीटर क्षेत्र की मिट्टी बारिश में कट गई है। पूरी मिट्टी कटकर नीचे आ गई है। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी के भी धंसने का खतरा बढ़ गया है।
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दृश्य दो : पुल की एप्रोच के पास आरसीसी के नीचे से कटान
बांदा-चिल्ला रोड अंडरपास के पास चित्रकूट से औरैया की तरफ जाने वाली लेन में पुल की एप्रोच की मिट्टी कट गई है। कोने पर पड़ी आरसीसी के अंदर से भी कटान हुआ है। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी भी कटने का खतरा है। कटान बढ़ने पर सड़क धंस सकती है।
दृश्य तीन : सड़क के ऊपर से नीचे तक बह गई मिट्टी
किलोमीटर संख्या 56 के पास औरैया जाने वाली लेन के किनारे स्लोप की मिट्टी का गहरा कटान हुआ है। ऊपर सड़क से लेकर नीचे तक मिट्टी बह गई है। हल्की बारिश में अगर मिट्टी और बही तो सड़क के धंसने का खतरा पैदा हो सकता है।
दृश्य चार : एक फीट ऊपर लटकी आरसीसी
किलोमीटर संख्या 56.3 और 56.4 के बीच नीचे की ओर हुई पैनलिंग और उसके ऊपर पड़ी आरसीसी को भी बारिश से नुकसान हुआ है। पैनल धंसने के कारण आरसीसी करीब एक फीट ऊपर ही लटकी रह गई है। यह स्थिति मौके पर साफ नजर आ रही है।
जमालपुर पुल के पास पैनलिंग में भी दबाव
इसी क्षेत्र में जमालपुर पुल के पास पैनलिंग में भी बारिश के बाद दबाव नजर आ रहा है। करीब दो किलोमीटर के हिस्से में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर स्लोप और बारिश का पानी निकालने के लिए बनाई गई पक्की नालियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई स्थानों पर रेन कट बन चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया है। लगातार बारिश होने पर इन स्थानों पर कटान बढ़ने की आशंका है।
क्या होता है रेन कट
बारिश का पानी जब सड़क के किनारे या स्लोप पर तेज बहाव के साथ मिट्टी को काटते हुए नीचे ले जाता है तो वहां बनी गहरी नाली या कटान को रेन कट कहा जाता है। समय पर इसकी मरम्मत न होने पर पानी कटान को और गहरा व चौड़ा कर सकता है। इससे सड़क के किनारे की संरचना और नीचे की मिट्टी प्रभावित होने का खतरा रहता है।
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बांदा क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 54 से 56 के बीच चित्रकूट से औरैया की ओर जाने वाली लेन में जगह-जगह मिट्टी का काफी कटान हुआ है। करीब दो किलोमीटर के इस हिस्से में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर बड़े रेन कट बन गए हैं।
कई जगह स्लोप की मिट्टी बहकर नीचे आ गई है, जबकि बारिश का पानी निकालने के लिए बनाई गई पक्की नालियां भी धंस गई हैं। कहीं पुल की एप्रोच की मिट्टी कट गई है तो कहीं आरसीसी के नीचे तक कटान पहुंच गया है।
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समय रहते इनकी मरम्मत नहीं हुई और बारिश जारी रही तो सड़क के नीचे की मिट्टी कटने से एक्सप्रेसवे के धंसने का खतरा बढ़ सकता है।
दृश्य एक : सात मीटर क्षेत्र की मिट्टी कटी
गांव मवई बुजुर्ग के पास किलोमीटर संख्या 54.4 पर चित्रकूट से औरैया की ओर जाने वाली लेन में करीब सात मीटर क्षेत्र की मिट्टी बारिश में कट गई है। पूरी मिट्टी कटकर नीचे आ गई है। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी के भी धंसने का खतरा बढ़ गया है।
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दृश्य दो : पुल की एप्रोच के पास आरसीसी के नीचे से कटान
बांदा-चिल्ला रोड अंडरपास के पास चित्रकूट से औरैया की तरफ जाने वाली लेन में पुल की एप्रोच की मिट्टी कट गई है। कोने पर पड़ी आरसीसी के अंदर से भी कटान हुआ है। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी भी कटने का खतरा है। कटान बढ़ने पर सड़क धंस सकती है।
दृश्य तीन : सड़क के ऊपर से नीचे तक बह गई मिट्टी
किलोमीटर संख्या 56 के पास औरैया जाने वाली लेन के किनारे स्लोप की मिट्टी का गहरा कटान हुआ है। ऊपर सड़क से लेकर नीचे तक मिट्टी बह गई है। हल्की बारिश में अगर मिट्टी और बही तो सड़क के धंसने का खतरा पैदा हो सकता है।
दृश्य चार : एक फीट ऊपर लटकी आरसीसी
किलोमीटर संख्या 56.3 और 56.4 के बीच नीचे की ओर हुई पैनलिंग और उसके ऊपर पड़ी आरसीसी को भी बारिश से नुकसान हुआ है। पैनल धंसने के कारण आरसीसी करीब एक फीट ऊपर ही लटकी रह गई है। यह स्थिति मौके पर साफ नजर आ रही है।
जमालपुर पुल के पास पैनलिंग में भी दबाव
इसी क्षेत्र में जमालपुर पुल के पास पैनलिंग में भी बारिश के बाद दबाव नजर आ रहा है। करीब दो किलोमीटर के हिस्से में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर स्लोप और बारिश का पानी निकालने के लिए बनाई गई पक्की नालियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई स्थानों पर रेन कट बन चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया है। लगातार बारिश होने पर इन स्थानों पर कटान बढ़ने की आशंका है।
क्या होता है रेन कट
बारिश का पानी जब सड़क के किनारे या स्लोप पर तेज बहाव के साथ मिट्टी को काटते हुए नीचे ले जाता है तो वहां बनी गहरी नाली या कटान को रेन कट कहा जाता है। समय पर इसकी मरम्मत न होने पर पानी कटान को और गहरा व चौड़ा कर सकता है। इससे सड़क के किनारे की संरचना और नीचे की मिट्टी प्रभावित होने का खतरा रहता है।

फोटो-22-एक्सप्रेस वे के स्लोप पर हुआ मिट्टी कटान। अमर उजाला