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ई-वेन एप से होगी वैक्सीन की ऑनलाइन निगरानी
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बांदा। वैक्सीन अब तापमान की मार से खराब नहीं होंगी। स्वास्थ्य विभाग इलेक्ट्रानिक्स वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ई-वेन एप) के जरिये इन्हें सुरक्षित रखेगा। लॉकडाउन अवधि में इस एप के जरिये यहां करीब 10 लाख रुपये की वैक्सीन खराब होने से बचाई गई हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन प्रसाद ने बताया कि जिले में एक जिलास्तरीय और पीएचसी/सीएचसी में 10 ब्लाक स्तरीय कोल्ड चेन स्टोर हैं। सरकार की देखरेख में यूएनडीपी व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ई-वेन एप चलाई जा रही है। ये कोल्ड चेन में रखी गईं वैक्सीन की ऑनलाइन निगरानी करती है। कोल्ड चेन मैनेजर नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कोल्ड चेन में निर्धारित तापमान में कमी या वृद्धि होने पर अलार्म बजने लगता है। साथ ही इसकी सूचना एप के जरिये कोल्ड चेन मैनेजर से लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी तक पहुंच जाती है। इससे वैक्सीन की बर्बादी पर रोक लगेगी।
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बताया कि ई-वेन मोबाइल एप से मॉनीटरिंग में टीकों की उपलब्धता की अपडेट जानकारी भी मिलती रहती है। किस सेंटर में किस बीमारी के कितने टीके उपलब्ध हैं और वह किस हालत में हैं? इसकी पूरी जानकारी मिलती है।
एक्सपायरी डेट नजदीक आने वाली वैक्सीन को पहले इस्तेमाल किया जाता है। वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर डॉ. अंजना पटेल ने बताया कि बांदा जिले में 18 आईएलआर और 22 डीप फ्रीजर हैं। वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन प्रसाद ने बताया कि जिले में एक जिलास्तरीय और पीएचसी/सीएचसी में 10 ब्लाक स्तरीय कोल्ड चेन स्टोर हैं। सरकार की देखरेख में यूएनडीपी व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ई-वेन एप चलाई जा रही है। ये कोल्ड चेन में रखी गईं वैक्सीन की ऑनलाइन निगरानी करती है। कोल्ड चेन मैनेजर नियुक्त किए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि कोल्ड चेन में निर्धारित तापमान में कमी या वृद्धि होने पर अलार्म बजने लगता है। साथ ही इसकी सूचना एप के जरिये कोल्ड चेन मैनेजर से लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी तक पहुंच जाती है। इससे वैक्सीन की बर्बादी पर रोक लगेगी।
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बताया कि ई-वेन मोबाइल एप से मॉनीटरिंग में टीकों की उपलब्धता की अपडेट जानकारी भी मिलती रहती है। किस सेंटर में किस बीमारी के कितने टीके उपलब्ध हैं और वह किस हालत में हैं? इसकी पूरी जानकारी मिलती है।
एक्सपायरी डेट नजदीक आने वाली वैक्सीन को पहले इस्तेमाल किया जाता है। वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर डॉ. अंजना पटेल ने बताया कि बांदा जिले में 18 आईएलआर और 22 डीप फ्रीजर हैं। वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।