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यूपी का पानी हड़पने को एमपी ने खोदी नई नहर

Thu, 28 Apr 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Thu, 28 Apr 2016 11:47 PM IST
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UP canal dug by the water to grab MP
बरियारपुर बांध के नजदीक मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खोदी जा रही नहर - फोटो : अमर उजाला

बांदा। रनगवां और बरियारपुर बांधों के पानी के लिए जब-तब बखेड़ा करने वाले मध्य प्रदेश के सिंचाई विभाग ने फिर फसाद की नौबत ला दी है। इस बार उसने बरियारपुर बांध से एक और नहर खोदनी शुरू की है, जबकि यहां से उसकी एक नहर पहले ही निकली है।

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यह नहर, डूब क्षेत्र वाली उस जमीन पर खोदी जा रही है, जिसे यूपी का सिंचाई विभाग स्थानीय किसानों को पट्टे पर देता रहा है। पट्टाधारक किसानों ने यूपी के मुख्यमंत्री समेत बांदा जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से शिकायत करते हुए नहर खुदाई रुकवाने की मांग की है।
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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की सरहद पर केन नदी में बरियारपुर बांध है। इसमें गंगऊ बांध से भी पानी आता है। बांदा की जीवन रेखा कही जाने वाली केन नहर प्रणाली बरियारपुर बांध से ही निकली है। एमपी में स्थित होने के बाद भी बांध की पूरी देखरेख और मेंटेनेंस इत्यादि बांदा (यूपी) का सिंचाई विभाग करता है। इस पर यूपी सरकार के हर साल करोड़ों रुपये खर्च होते हैं।
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इस बांध के पानी का यूपी-एमपी के बीच बंटवारा है। उपलब्ध सिंचाई क्षमता के कुल पानी का 35 फीसदी यूपी और 15 फीसदी एमपी को मिलता है लेकिन अपने हिस्से का पानी हर साल ले लेने के बाद भी एमपी के लोग जबरन यूपी के हिस्से का पानी भी हथिया लेते हैं। एमपी के स्थानीय जनप्रतिनिधि कई बार खुद नहर का गेट खोलकर यूपी का पानी छीन चुके हैं। अब नई नहर भी इसी इरादे से खोदी जा रही है।

यूपी-एमपी के बीच पानी का यह विवाद पिछले कई सालों से थमा था लेकिन अब एमपी के सिंचाई विभाग ने बरियारपुर बांध के नजदीक एक नई नहर खोदने का काम शुरू कर दिया है। यह नहर जहां खोदी जा रही है, वह बांध का डूब क्षेत्र है। बरसात में यहां पानी भर जाता है। बांदा (यूपी) का सिंचाई प्रखंड तृतीय हर साल लगभग 40 एकड़ इस जमीन को स्थानीय बाशिंदों को पट्टे पर दे देता है। वह इसमें कुछ फसल उगाकर परिवार का पेट पालते हैं।

बुधवार शाम बरियारपुर से आए किसान रामकृपाल, धनीराम, पिर्रू, हरदास आदि पट्टेदारों ने मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री, बांदा डीएम और सिंचाई विभाग प्रखंड- तृतीय को संबोधित शिकायती पत्र में पट्टे की भूमि पर नहर खोदने की जानकारी देते हुए इसे रुकवाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि नई नहर से बरियारपुर बांध का पानी लगभग 15 किलोमीटर दूर मझगांव बांध मेें ले जाने की एमपी सरकार की योजना है। इससे यूपी की सिंचाई को पानी के और लाले पड़ेंगे।

इस बाबत डीएम योगेश कुमार ने कहा कि बांध के पानी और भूमि का मामला संवेदनशील है। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वह शुक्रवार सुबह ही सिंचाई विभाग के अभियंताओं को बरियारपुर भेजकर नहर और बांध आदि की फोटोग्राफी कराएंगे। साथ ही अपने प्रदेश के मुख्य सचिव को पूरी रिपोर्ट भेजेंगे, ताकि दो राज्यों के बीच का यह मामला प्रदेश स्तर के उच्चाधिकारियों द्वारा निपटाया जा सके। उन्होंने इस संबंध में बात का प्रयास किए जाने पर सिंचाई विभाग बांदा के अधीक्षण अभियंता का मोबाइल स्विच आफ मिलने और अधिशासी अभियंता द्वारा मीडिया का फोन न उठाने पर कड़ी नाराजगी जताई।


बरियारपुर बांध मेें नहर खुदवा रहे मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग, पन्ना के उप यांत्रिक (अवर अभियंता) एनके दोहरे का कहना है कि पट्टे वाली जमीन मध्य प्रदेश मेें है। यह भूमि सरकारी है। किसानों को जीवन यापन के लिए दी गई थी। स्वामित्व का अधिकार नहीं दिया गया था। अब जरूरत पड़ी तो नहर के लिए वापस ले ली गई है।

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