{"_id":"69c6da1b5892e4a03907f941","slug":"unseasonal-rain-and-hailstorms-destroy-crops-in-banda-leaving-farmers-in-financial-crisis-banda-news-c-212-1-bnd1017-143568-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से बांदा में फसलें बर्बाद, आर्थिक संकट में किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि से बांदा में फसलें बर्बाद, आर्थिक संकट में किसान
Sat, 28 Mar 2026 12:57 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:57 AM IST
विज्ञापन
बांदा। जिले में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की पकी हुई फसलों को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों, मसूर और लाही मटर जैसी प्रमुख फसलों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। पैलानी, तिंदवारी और जसपुरा ब्लॉक के कई गांवों में खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलें ओलों की मार से गिर गईं और भीगकर खराब हो गईं।
पैलानी में 50-50 ग्राम के ओले गिरे, जबकि तिंदवारी में बड़े आकार के ओलों से खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी चादर बिछ गई। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, और अब उनके लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने जांच के लिए लेखपाल भेजने और सरकार द्वारा मदद करने का आश्वासन दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता पुष्पेंद्र सिंह ने भी किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
इस बाबत उप निदेशक कृषि अभय यादव ने बताया कि ओलावृष्टि की सूचना है। राजस्व विभाग की टीम सर्वे करेगी। इसके बाद शासन की गाइड लाइन पर काम किया जाएगा। वहीं मौसम विज्ञानी दिनेश शाहा ने बताया कि इस तरह का मौसम अभी एक दो दिन बना रहने की संभावना है।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों, मसूर और लाही मटर जैसी प्रमुख फसलों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। पैलानी, तिंदवारी और जसपुरा ब्लॉक के कई गांवों में खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलें ओलों की मार से गिर गईं और भीगकर खराब हो गईं।
विज्ञापन
पैलानी में 50-50 ग्राम के ओले गिरे, जबकि तिंदवारी में बड़े आकार के ओलों से खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी चादर बिछ गई। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, और अब उनके लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने जांच के लिए लेखपाल भेजने और सरकार द्वारा मदद करने का आश्वासन दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता पुष्पेंद्र सिंह ने भी किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की है।
विज्ञापन
इस बाबत उप निदेशक कृषि अभय यादव ने बताया कि ओलावृष्टि की सूचना है। राजस्व विभाग की टीम सर्वे करेगी। इसके बाद शासन की गाइड लाइन पर काम किया जाएगा। वहीं मौसम विज्ञानी दिनेश शाहा ने बताया कि इस तरह का मौसम अभी एक दो दिन बना रहने की संभावना है।