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नौकरी के लिए सड़कों पर उतरे बेरोजगार
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Unemployed took to the streets for jobs
- फोटो : BANDA
बांदा। प्रदेश में 68,500 प्राथमिक शिक्षकों के पदों में 22 हजार पदों पर नियुक्ति नहीं हुई। इसके अलावा हर वर्ष 10 से 15 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन सभी का आंकड़ा लगभग एक लाख है। इनकी भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी किया जाए।
शुक्रवार को यही मांग कलक्ट्रेट परिसर में जोरदारी से गूंजी। बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों ने प्रदर्शन किया। ये सब शिक्षक पद पर भर्ती के उम्मीदवार हैं। इनके साथ बीटीसी, बीएड प्रशिक्षु और शिक्षामित्र भी शामिल थे।
बेरोजगारों ने भाजपा कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। अधिकारियों से नोकझोंक हुई। जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजे गए सामूहिक हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन में बेरोजगारों ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार भर्ती के लिए विज्ञापन सूचना नहीं जारी कर रही। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने हलफनामा देकर बताया है कि 51,112 पद रिक्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी करने का आदेश दिया था।
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बेरोजगारों ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना के अनुसार प्रदेश में 1,73,795 प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली हैं, जबकि यह डाटा वर्ष 2019 का है। संसद में भी सरकार ने आंकड़े पेश किए थे कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 2,17,481 पद खाली हैं।
यह आकड़े 2020 के बताए गए थे। प्रदर्शन कारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट केशवनाथ गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। उत्कर्ष पटेल, धर्मेंद्र यादव, रामदुलारे, गौस मोहम्मद, माता प्रसाद, रामनरेश, अभिषेक, भूपेंद्र, रानी पटेल, पंकज विश्वकर्मा, राहुल तिवारी, सतीश द्विवेदी, राजेंद्र यादव, अमित यादव, आशा, आरती, दीप्ति, अंजना सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष बेरोजगार शामिल रहे।
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शुक्रवार को यही मांग कलक्ट्रेट परिसर में जोरदारी से गूंजी। बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों ने प्रदर्शन किया। ये सब शिक्षक पद पर भर्ती के उम्मीदवार हैं। इनके साथ बीटीसी, बीएड प्रशिक्षु और शिक्षामित्र भी शामिल थे।
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बेरोजगारों ने भाजपा कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। अधिकारियों से नोकझोंक हुई। जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजे गए सामूहिक हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन में बेरोजगारों ने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार भर्ती के लिए विज्ञापन सूचना नहीं जारी कर रही। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने हलफनामा देकर बताया है कि 51,112 पद रिक्त हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती का विज्ञापन शीघ्र जारी करने का आदेश दिया था।
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बेरोजगारों ने कहा कि जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली सूचना के अनुसार प्रदेश में 1,73,795 प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली हैं, जबकि यह डाटा वर्ष 2019 का है। संसद में भी सरकार ने आंकड़े पेश किए थे कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 2,17,481 पद खाली हैं।
यह आकड़े 2020 के बताए गए थे। प्रदर्शन कारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट केशवनाथ गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। उत्कर्ष पटेल, धर्मेंद्र यादव, रामदुलारे, गौस मोहम्मद, माता प्रसाद, रामनरेश, अभिषेक, भूपेंद्र, रानी पटेल, पंकज विश्वकर्मा, राहुल तिवारी, सतीश द्विवेदी, राजेंद्र यादव, अमित यादव, आशा, आरती, दीप्ति, अंजना सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष बेरोजगार शामिल रहे।