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Banda News: मरीजों का करें बेहतर उपचार, दवाओं की एक्सपायरी डेट का रखें ध्यान
Wed, 22 Jan 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:05 AM IST
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बांदा। कार्यभार संभालने के बाद पहली बार जिलाधिकारी जे. रीभा मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पहुंच गईं। 30 मिनट के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला पुरुष और महिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात करते हुए बेहतर उपचार मिलने के बारे में जानकारी ली। सीएमएस और चिकित्सकों से कहा कि मरीजों की सभी जांचें जिला अस्पताल में ही कराई जाएं और दवा वितरण के दौरान एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखें।
जिला पुरुष अस्पताल में डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से दवा और उपचार के बारे में पूछा। इसके बाद एनआरसी सेंटर, बच्चा वार्ड, दवा वितरण केंद्र, महिला वार्ड में भर्ती मरीजों से भी उपचार के बारे में जानकारी ली। एक्सरे और पैथालाॅजी समेत ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराएं। वार्ड में भर्ती मरीज आशा का तत्काल एक्सरे कराकर इलाज करने के निर्देश दिए। वहीं, मरीज रामरती का हालचाल जाना और कहा कि उपचार में किसी प्रकार की कोताही न की जाए। पुरुष वार्ड में भर्ती मरीज रामदीन, राजाभइया से भी बात की और उपचार व दवाएं मिलने के बारे में पूछा।
निरीक्षण के दौरान आपातकालीन वार्ड में 11 मरीज भर्ती मिले। डीएम ने चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों का समय-समय पर बीपी, बुखार चेक करते हुए रिपोर्ट रजिस्टर में अंकित करें। दवा वितरण केंद्र के निरीक्षण में चीफ फार्मासिस्ट को दवाओं की एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके बाद डीएम ने डिजिटल एक्स-रे और पैथालॉजी में होने वाली जांचों के बारे में जानकारी ली। कहा कि मरीजों को समय से रिपोर्टें दी जाए।
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ब्लड बैंक प्रभारी को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि सभी ग्रुपों के ब्लड की उपलब्धता बैंक में रखें, ताकि जरूरतमंद मरीज को ब्लड मिल सके। इधर, जिला महिला अस्पताल में डीएम ने प्रसव कक्ष, शल्य कक्ष, पीएनसी वार्ड, औषधि वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। प्रसव के बाद वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से उपचार के बारे में बातचीत की। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह से ऑपरेशन केस और नार्मल डिलीवरी के बारे में पूछतांछ की। नवजात बच्चों की विशेष देख-रेख रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. एसडी त्रिपाठी, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. हृदयेश पटेल, सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. विनीत सचान समेत अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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परिवार नियोजन के प्रति किया जाए जागरूक
महिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जे. रीभा ने सीएमएस को निर्देश दिए कि जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाए। उपचार के दौरान ओपीडी में आने वाली महिलाओं के साथ ही प्रसूताओं को भी परिवार नियोजन से होने वाले लाभ बताएं।
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चमाचम नजर आया अस्पताल, एप्रेन में नजर आए डॉक्टर
हालांकि, मंगलवार सुबह जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण था, लेकिन शायद स्वास्थ्य महकमे को पहले से ही भनक लग गई थी। इसीलिए जिलाधिकारी के अस्पताल पहुंचने के पहले ही अस्पताल की फर्श तक को चमका दिया गया था। मरीजों के बेड में जहां नए चद्दर पड़े हुए थे, वहीं चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी एप्रन पहने हुए नजर आए।
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जिला पुरुष अस्पताल में डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से दवा और उपचार के बारे में पूछा। इसके बाद एनआरसी सेंटर, बच्चा वार्ड, दवा वितरण केंद्र, महिला वार्ड में भर्ती मरीजों से भी उपचार के बारे में जानकारी ली। एक्सरे और पैथालाॅजी समेत ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। चिकित्सकों को निर्देश दिए कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराएं। वार्ड में भर्ती मरीज आशा का तत्काल एक्सरे कराकर इलाज करने के निर्देश दिए। वहीं, मरीज रामरती का हालचाल जाना और कहा कि उपचार में किसी प्रकार की कोताही न की जाए। पुरुष वार्ड में भर्ती मरीज रामदीन, राजाभइया से भी बात की और उपचार व दवाएं मिलने के बारे में पूछा।
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निरीक्षण के दौरान आपातकालीन वार्ड में 11 मरीज भर्ती मिले। डीएम ने चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों का समय-समय पर बीपी, बुखार चेक करते हुए रिपोर्ट रजिस्टर में अंकित करें। दवा वितरण केंद्र के निरीक्षण में चीफ फार्मासिस्ट को दवाओं की एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके बाद डीएम ने डिजिटल एक्स-रे और पैथालॉजी में होने वाली जांचों के बारे में जानकारी ली। कहा कि मरीजों को समय से रिपोर्टें दी जाए।
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ब्लड बैंक प्रभारी को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि सभी ग्रुपों के ब्लड की उपलब्धता बैंक में रखें, ताकि जरूरतमंद मरीज को ब्लड मिल सके। इधर, जिला महिला अस्पताल में डीएम ने प्रसव कक्ष, शल्य कक्ष, पीएनसी वार्ड, औषधि वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। प्रसव के बाद वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से उपचार के बारे में बातचीत की। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह से ऑपरेशन केस और नार्मल डिलीवरी के बारे में पूछतांछ की। नवजात बच्चों की विशेष देख-रेख रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. एसडी त्रिपाठी, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. हृदयेश पटेल, सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. विनीत सचान समेत अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
परिवार नियोजन के प्रति किया जाए जागरूक
महिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जे. रीभा ने सीएमएस को निर्देश दिए कि जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाए। उपचार के दौरान ओपीडी में आने वाली महिलाओं के साथ ही प्रसूताओं को भी परिवार नियोजन से होने वाले लाभ बताएं।
चमाचम नजर आया अस्पताल, एप्रेन में नजर आए डॉक्टर
हालांकि, मंगलवार सुबह जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण था, लेकिन शायद स्वास्थ्य महकमे को पहले से ही भनक लग गई थी। इसीलिए जिलाधिकारी के अस्पताल पहुंचने के पहले ही अस्पताल की फर्श तक को चमका दिया गया था। मरीजों के बेड में जहां नए चद्दर पड़े हुए थे, वहीं चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी एप्रन पहने हुए नजर आए।