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आंधी-पानी से टिन, झुग्गी-झोपड़ियां उड़ीं
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बांदा। अरब सागर से उठे ताउते तूफान का असर यहां भी नजर आया। तेज आंधी-बारिश ने शहर से लेकर गांवों तक बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर दी। बृहस्पतिवार को शहर के कई इलाके और ग्रामीण क्षेत्र बिजली विहीन रहे। बिजली विभाग के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था सुचारु होने में करीब 4 से 5 दिन लगेंगे। लगभग दो करोड़ रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। उधर, अतर्रा क्षेत्र में तूफान का काफी असर रहा।
तेज आंधी और बारिश ने शहर मुख्यालय सहित अतर्रा, ओरन, बदौसा, बिसंडा, नरैनी की बिजली व्यवस्था चरमरा दी। जगह-जगह खंभे गिरने, तार टूटने और ट्रांसफार्मर जमींदोज होने से जिलेभर की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। नगरीय क्षेत्रों में बमुश्किल आपूर्ति शुरू हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को भी बिजली गुल रही।
अभियंताओं का कहना है कि आंधी-बारिश से बिजली विभाग को लगभग दो करोड़ रुपये की चपत लगी है। अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) वीके मिश्रा ने बताया कि अतर्रा, बदौसा, ओरन, बिसंडा आदि क्षेत्रों में लगभग 200 खंभे गिर गए। करीब 8 किलोमीटर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अतर्रा में स्थित आरपीडीआरपी का टावर ढह गया। विभागीय कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
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दावा किया कि पेयजल फीडर चालू हो गए। बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु होने में अभी 4 से 5 दिन का समय लगेगा। उधर, अधिशासी अभियंता (शहरी) जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि शहर की बिजली आपूर्ति दुरुस्त कर ली गई।
फिलहाल अब कहीं बाधित नहीं है। आंधी-बारिश से शहर में लगभग चार लाख रुपये का विभाग को नुकसान लगा है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उधर, अतर्रा में तेज आंधी और बारिश ने तहसील क्षेत्र में खासी तबाही मचाई। बुधवार को दोपहर 3 बजे से शुरू हुई आंधी और पानी रात 8 बजे तक जारी रही। आधा सैकड़ा से अधिक घरों में पानी भर गया। बीएसएनएल टावर क्षतिग्रस्त हो गया। कई मकानों की दीवार गिर गई। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई मार्गों में भारी भरकम पेड़ गिरने से यातायात अवरुद्ध रहा। गुमटी और झुग्गी झोपड़ी उड़ गईं।
बुधवार की शाम 3 बजे से गुल बिजली बृहस्पतिवार को भी नहीं बहाल हो सकी। विद्युत विभाग को 50 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगी। सिविल लाइन इलाके में जलभराव रहा। यहां जगदीश गुप्ता, अजय सिंह, दिगपाल, गुलाब, रामप्रकाश उपाध्याय, अभय सिंह, संतोष, शैलेंद्र, ब्रजेंद्र, अत्रिमुनि आदि ने आरोप लगाया कि नालियों की सफाई न होने से घरों में पानी घुस गया।
बिसंडा रोड सुदामापुरी में बंजारा समुदाय की झोपड़ी हवा में उड़ गई। करीब 20 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। पेड़ गिरने से गोरेलाल, जुगुल, ब्रजेश, कालू, छोटू, रेखा, संगीता, गुजरतिया आदि बाल-बाल बच गए। आंधी से लोग सहमे रहे। नरैनी रोड पर एक टंकी व्यवसायी की छत में रखी 25 टंकियां उड़ गईं। उधर, ओरन रोड पर लगा बीएसएनएल टावर तेज आंधी में आधा टूटकर लटक गया। लखन कालोनी में तीन मकानों की छत व दीवार गिर गई। बदौसा रोड में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भरकम पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।
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तेज आंधी और बारिश ने शहर मुख्यालय सहित अतर्रा, ओरन, बदौसा, बिसंडा, नरैनी की बिजली व्यवस्था चरमरा दी। जगह-जगह खंभे गिरने, तार टूटने और ट्रांसफार्मर जमींदोज होने से जिलेभर की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। नगरीय क्षेत्रों में बमुश्किल आपूर्ति शुरू हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कई क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को भी बिजली गुल रही।
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अभियंताओं का कहना है कि आंधी-बारिश से बिजली विभाग को लगभग दो करोड़ रुपये की चपत लगी है। अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) वीके मिश्रा ने बताया कि अतर्रा, बदौसा, ओरन, बिसंडा आदि क्षेत्रों में लगभग 200 खंभे गिर गए। करीब 8 किलोमीटर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अतर्रा में स्थित आरपीडीआरपी का टावर ढह गया। विभागीय कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
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दावा किया कि पेयजल फीडर चालू हो गए। बिजली आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु होने में अभी 4 से 5 दिन का समय लगेगा। उधर, अधिशासी अभियंता (शहरी) जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि शहर की बिजली आपूर्ति दुरुस्त कर ली गई।
फिलहाल अब कहीं बाधित नहीं है। आंधी-बारिश से शहर में लगभग चार लाख रुपये का विभाग को नुकसान लगा है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उधर, अतर्रा में तेज आंधी और बारिश ने तहसील क्षेत्र में खासी तबाही मचाई। बुधवार को दोपहर 3 बजे से शुरू हुई आंधी और पानी रात 8 बजे तक जारी रही। आधा सैकड़ा से अधिक घरों में पानी भर गया। बीएसएनएल टावर क्षतिग्रस्त हो गया। कई मकानों की दीवार गिर गई। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई मार्गों में भारी भरकम पेड़ गिरने से यातायात अवरुद्ध रहा। गुमटी और झुग्गी झोपड़ी उड़ गईं।
बुधवार की शाम 3 बजे से गुल बिजली बृहस्पतिवार को भी नहीं बहाल हो सकी। विद्युत विभाग को 50 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगी। सिविल लाइन इलाके में जलभराव रहा। यहां जगदीश गुप्ता, अजय सिंह, दिगपाल, गुलाब, रामप्रकाश उपाध्याय, अभय सिंह, संतोष, शैलेंद्र, ब्रजेंद्र, अत्रिमुनि आदि ने आरोप लगाया कि नालियों की सफाई न होने से घरों में पानी घुस गया।
बिसंडा रोड सुदामापुरी में बंजारा समुदाय की झोपड़ी हवा में उड़ गई। करीब 20 परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए। पेड़ गिरने से गोरेलाल, जुगुल, ब्रजेश, कालू, छोटू, रेखा, संगीता, गुजरतिया आदि बाल-बाल बच गए। आंधी से लोग सहमे रहे। नरैनी रोड पर एक टंकी व्यवसायी की छत में रखी 25 टंकियां उड़ गईं। उधर, ओरन रोड पर लगा बीएसएनएल टावर तेज आंधी में आधा टूटकर लटक गया। लखन कालोनी में तीन मकानों की छत व दीवार गिर गई। बदौसा रोड में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भरकम पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया।