{"_id":"66070ce46656d375980b47e4","slug":"there-is-silence-in-the-jail-even-the-prisoners-are-inconsolable-banda-news-c-212-1-sknp1008-108699-2024-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जेल में पसरा सन्नाटा, बंदी भी गमगीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जेल में पसरा सन्नाटा, बंदी भी गमगीन
विज्ञापन
बांदा। जरायम की दुनिया के बेताज बादशाह रहे मुख्तार से बड़ी संख्या में बंदी लगाव रखते थे। मुख्तार वर्ष 2016 में जब पहली बार बांदा जेल आया तो उसने बंदियों से अपनों सा व्यवहार किया।
मुख्तार के लिए आने वाला हर सामान जेल के कई बंदियों को दिया जाता था। यही वजह थी कि गुरुवार की रात से ही जेल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। उसकी मौत से तमाम बंदियों के अलावा कई सिपाही भी गमगीन हैं।
रमजान व नवरात्र जैसे पर्वों पर मुख्तार की ओर से रोजा व व्रत रखने वाले बंदियों को फल फूल आदि वितरित कराए जाते थे। जब भी वह बैरक से निकलता था तो वह बंदियों की नमस्कार का जवाब जरूर देता था। किसी को क्या पता था कि समय के साथ मुख्तार ऐसा टूटेगा कि वह अपने समर्थकों से दुआ सलाम भी बंद कर देगा। तबीयत खराब होने के कारण करीब एक माह से वह अपनी बैरक से कम ही निकलता था। सूत्र बताते है कि मुख्तार के मौत की खबर जैसे ही जेल पहुंची बंदी अपनी आंखों के आंसू रोक न सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्तार के लिए आने वाला हर सामान जेल के कई बंदियों को दिया जाता था। यही वजह थी कि गुरुवार की रात से ही जेल परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। उसकी मौत से तमाम बंदियों के अलावा कई सिपाही भी गमगीन हैं।
विज्ञापन
रमजान व नवरात्र जैसे पर्वों पर मुख्तार की ओर से रोजा व व्रत रखने वाले बंदियों को फल फूल आदि वितरित कराए जाते थे। जब भी वह बैरक से निकलता था तो वह बंदियों की नमस्कार का जवाब जरूर देता था। किसी को क्या पता था कि समय के साथ मुख्तार ऐसा टूटेगा कि वह अपने समर्थकों से दुआ सलाम भी बंद कर देगा। तबीयत खराब होने के कारण करीब एक माह से वह अपनी बैरक से कम ही निकलता था। सूत्र बताते है कि मुख्तार के मौत की खबर जैसे ही जेल पहुंची बंदी अपनी आंखों के आंसू रोक न सके।
विज्ञापन