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बुंदेलखंड की खदानों में अवैध खनन रोकने की है व्यवस्था

Wed, 26 Feb 2020 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Feb 2020 11:57 PM IST
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There is a system to stop illegal mining in the mines of Bundelkhand
विधान परिषद में प्रश्न पूछते एमएलसी नसीमुद्दीन सिद्दीकी। - फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड में अवैध खनन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बोले हैं। कहा है कि बुंदेलखंड मंडल में चल रही बालू, मौरंग व पत्थर की सभी खदानों में इसके लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।
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पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुधवार को विधान परिषद में लिखित प्रश्न में मुख्यमंत्री से पूछा था कि बुंदेलखंड मंडल में बालू, मौरंग और गिट्टी खदानों में जहां खनन हो रहा है, वहां अवैध खनन और भारी मशीनरी के अवैध प्रयोग रोकने के लिए नाइट विजन स्थापित करने और खदानों के सीमांकन के लिए पिलर लगाने की कोई व्यवस्था की गई है या नहीं?
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इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सवाल पर लिखित जवाब दिया है कि बुंदेलखंड मंडल में चल रही बालू, मौरंग और पत्थर की सभी खदानों में यह व्यवस्था की गई है। उधर, पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने कहा है कि उनके पूरे प्रश्न का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।
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अवैध खनन पर सांसद ने एनजीटी को भेजा पत्र
बांदा। राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) अध्यक्ष को पत्र भेजकर बांदा सहित पूरे बुंदेलखंड में अवैध खनन और एनजीटी की एनओसी की शर्तों का खुला उल्लंघन कर नदियों की जलधाराएं प्रभावित करने की शिकायत की है।
सांसद ने पत्र में कहा कि बुंदेलखंड की बेतवा, धसान, केन, यमुना, चंद्रावल, बागै आदि नदियों के वन और भूमि क्षेत्रों में अवैध खनन किया जा रहा है। किसानों की निजी भूमि पर बोई फसलें ट्रक रौंद रहे हैं। आए दिन विवाद और गोलियां चल रही हैं। लोग दहशत में हैं। सांसद ने कहा कि शहर के नजदीक दुरेड़ी, भुरेड़ी, अछरौड़, कनवारा, पथरी और खप्टिहा कलां, जौहरपुर, सादीमदनपुर, लौमर, नरैनी, कालिंजर, गिरवां, करतल, जरर, बदौसा, अतर्रा आदि में पट्टेधारक खुले आम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। लिफ्टर मशीनों से बालू निकाली जा रही है। नदियों में 20-20 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं।

जलधारा रोकी जा रही है। पर्यावरण और जीव-जंतुओं को भारी नुकसान पहुंच रहा है। नदियों में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी नहीं बचा। लोगों में आक्रोश है। सांसद ने एनजीटी से इस पर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया है।
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