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मृत या जीवित के लिए शोक नहीं करते ज्ञानी

Wed, 23 Dec 2020 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:18 PM IST
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The wise do not grieve for the dead or the living
The wise do not grieve for the dead or the living - फोटो : BANDA
बांदा। शहर के सिंहवाहिनी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत गीता ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन आचार्य चैतन्य महाराज (प्रयागराज) ने जीवन और मृत्यु पर चर्चा की। बताया कि श्रीकृष्ण ने गुरू की भांति अर्जुन को परमब्रह्म का साक्षात कराया। कृष्ण ने कहा कि तुम ज्ञानियों की तरह बात करते हो, लेकिन जिनके लिए शोक नहीं करना चाहिए, उनके लिए शोक करते हो। ज्ञानी मृत या जीवित के लिए शोक नहीं करते।
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जन्म में जीवात्मा बाल, युवा और वृद्ध शरीर को प्राप्त करती है। वैसे ही जीवात्मा मरने के बाद नया शरीर प्राप्त करती है। मनुष्य के जीवन में तीन प्रकार के प्रस्थान होते हैं। कार्यक्रम आयोजक प्रद्युम्न दुबे लालू, डा.गया प्रसाद, प्रेमसागर दीक्षित, श्याम निगम, निखिल सक्सेना, सचिन चतुर्वेदी, नीरज त्रिपाठी, रामकिशोर, अशोक शुक्ला, संत कुमार गुप्ता, रामबाबू शुक्ला, हरिशरण मिश्रा, प्रयाग दत्त अवस्थी, दिनेश दीक्षित आदि मौजूद रहे।
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