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Banda News: महेंद्र और शेरा की गिरफ्तारी के लिए अनशन पर बैठा पीड़ित परिवार
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फोटो-15- नंदवारा गांव में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अनशन पर बैठा पीड़ित परिवार। संवाद
बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
सोमवार को सीओ के निर्देशन में टीम नौहाई गांव पहुंची और करीब तीन घंटे तक जांच की। उधर, नामजद महेंद्र पाल वर्मा और शेरा उर्फ ओमकार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार घर के दरवाजे पर क्रमिक अनशन पर बैठ गया।
नंदवारा से निकलकर एसआईटी के नौहाई पहुंचने से ग्रामीणों में भी संशय है। जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन छह वर्षीय मनोज और चार वर्षीय युवराज कहां खेल रहे थे, किस दिशा में गए और उन्हें अपने साथ कौन ले गया था।
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पुलिस को उम्मीद है कि इन बिंदुओं पर जानकारी मिलने से घटनाक्रम की अहम कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं। सीओ सिटी एवं एसआईटी प्रमुख सौरभ सिंह ने बताया कि टीम नंदवारा के बाद चार से पांच किलोमीटर दूर नौहाई गांव में जांच कर रही है। वहां 30 ग्रामीणों से पूछताछ की गई है।
हत्याकांड के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर बीट दरोगा राजेश कुमार और बीट सिपाही अनुज कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की गई। नरैनी में प्रभारी निरीक्षक रहे भाष्कर मिश्र को भी थाने से हटाकर अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस मामले में अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित पिता भइयाराम सोमवार को परिवार के साथ घर के दरवाजे पर अनशन पर बैठ गए। उन्होंने महेंद्र पाल वर्मा और शेरा उर्फ ओमकार की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जब तक पुलिस दोनों को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
अनशन में भइयाराम की पत्नी कलावती, मां रानी, फुलिया, सुशीला, रामलली, शिववरण, भागवत समेत अन्य परिजन और पड़ोसी शामिल रहे। वहीं भइयाराम के पास अनशन के दौरान कई बार एसडीएम नरैनी अंजली यादव का फोन पहुंचा। भइयाराम ने बताया कि एसडीएम उन्हें तहसील बुला रहीं थीं, लेकिन उन्होंने गांव आकर ही बात करने के लिए कहा है।
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पन्ना में कैंडल मार्च, सीबीआई जांच की मांग
नंदवारा कांड को लेकर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। यहां लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर निष्पक्ष जांच, सीबीआई जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने महेंद्र पाल वर्मा को न्याय दिलाने के लिए भी सीबीआई जांच की मांग रखी।
पिछले कई दिनों से इस मामले को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पन्ना में निकाले गए कैंडल मार्च में अधिवक्ता सोनेलाल प्रजापति, अधिवक्ता संगीता पटेल, अधिवक्ता मानसी पटेल, जयस के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार गोंड, प्रांशी यादव, राजकुमार कुशवाहा, सत्यपाल लोधी, जयस के जिला प्रवक्ता गजेंद्र सिंह, आनंद कुमार गोंड, संगठन के मीडिया प्रभारी बीरू आदिवासी, दिनेश कुमार गौंड, मूरत सिंह और सतीश अहिरवार आदि शामिल रहे।
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गांव में सन्नाटा, खुलकर बोलने से बच रहे ग्रामीण
दो मासूम भाइयों की मौत के बाद नंदवारा गांव में सन्नाटा है। महेंद्र पाल वर्मा के घर के बाहर भी खामोशी दिखाई दे रही है। घटना को लेकर ग्रामीण खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उधर, पीड़ित परिवार के घर पर लगातार पुलिस की निगरानी है। परिवार की सुरक्षा और स्थिति पर नजर रखने के लिए एसआई अरविंद पाल समेत चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर परिवार और आसपास की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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नामजद आरोपी की पत्नी व पुत्रवधू ने विधानसभा के बाहर की सीबीआई जांच की मांग
नरैनी। सगे भाइयों की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के पुत्र व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा के समर्थन में उनकी पत्नी अंजना वर्मा व पुत्रवधू कोमल वर्मा ग्रामीणों के साथ सोमवार को लखनऊ विधानसभा पहुंचीं। वहां दोनों महिलाओं ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की।
दोनों महिलाओं ने कहा कि उनके पति लोधी महेंद्र पाल वर्मा को साजिशन फंसाया गया है। इसके पीछे जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का हाथ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होने से उनके पति को इंसाफ मिल सकेगा। उन्होंने इस हत्याकांड के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। (संवाद)
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सोमवार को सीओ के निर्देशन में टीम नौहाई गांव पहुंची और करीब तीन घंटे तक जांच की। उधर, नामजद महेंद्र पाल वर्मा और शेरा उर्फ ओमकार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार घर के दरवाजे पर क्रमिक अनशन पर बैठ गया।
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नंदवारा से निकलकर एसआईटी के नौहाई पहुंचने से ग्रामीणों में भी संशय है। जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन छह वर्षीय मनोज और चार वर्षीय युवराज कहां खेल रहे थे, किस दिशा में गए और उन्हें अपने साथ कौन ले गया था।
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पुलिस को उम्मीद है कि इन बिंदुओं पर जानकारी मिलने से घटनाक्रम की अहम कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं। सीओ सिटी एवं एसआईटी प्रमुख सौरभ सिंह ने बताया कि टीम नंदवारा के बाद चार से पांच किलोमीटर दूर नौहाई गांव में जांच कर रही है। वहां 30 ग्रामीणों से पूछताछ की गई है।
हत्याकांड के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर बीट दरोगा राजेश कुमार और बीट सिपाही अनुज कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद मामले के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की गई। नरैनी में प्रभारी निरीक्षक रहे भाष्कर मिश्र को भी थाने से हटाकर अपराध शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
इस मामले में अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज पीड़ित पिता भइयाराम सोमवार को परिवार के साथ घर के दरवाजे पर अनशन पर बैठ गए। उन्होंने महेंद्र पाल वर्मा और शेरा उर्फ ओमकार की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि जब तक पुलिस दोनों को गिरफ्तार नहीं करती, तब तक उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
अनशन में भइयाराम की पत्नी कलावती, मां रानी, फुलिया, सुशीला, रामलली, शिववरण, भागवत समेत अन्य परिजन और पड़ोसी शामिल रहे। वहीं भइयाराम के पास अनशन के दौरान कई बार एसडीएम नरैनी अंजली यादव का फोन पहुंचा। भइयाराम ने बताया कि एसडीएम उन्हें तहसील बुला रहीं थीं, लेकिन उन्होंने गांव आकर ही बात करने के लिए कहा है।
पन्ना में कैंडल मार्च, सीबीआई जांच की मांग
नंदवारा कांड को लेकर मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। यहां लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर निष्पक्ष जांच, सीबीआई जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने महेंद्र पाल वर्मा को न्याय दिलाने के लिए भी सीबीआई जांच की मांग रखी।
पिछले कई दिनों से इस मामले को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पन्ना में निकाले गए कैंडल मार्च में अधिवक्ता सोनेलाल प्रजापति, अधिवक्ता संगीता पटेल, अधिवक्ता मानसी पटेल, जयस के जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार गोंड, प्रांशी यादव, राजकुमार कुशवाहा, सत्यपाल लोधी, जयस के जिला प्रवक्ता गजेंद्र सिंह, आनंद कुमार गोंड, संगठन के मीडिया प्रभारी बीरू आदिवासी, दिनेश कुमार गौंड, मूरत सिंह और सतीश अहिरवार आदि शामिल रहे।
गांव में सन्नाटा, खुलकर बोलने से बच रहे ग्रामीण
दो मासूम भाइयों की मौत के बाद नंदवारा गांव में सन्नाटा है। महेंद्र पाल वर्मा के घर के बाहर भी खामोशी दिखाई दे रही है। घटना को लेकर ग्रामीण खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उधर, पीड़ित परिवार के घर पर लगातार पुलिस की निगरानी है। परिवार की सुरक्षा और स्थिति पर नजर रखने के लिए एसआई अरविंद पाल समेत चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर परिवार और आसपास की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
नामजद आरोपी की पत्नी व पुत्रवधू ने विधानसभा के बाहर की सीबीआई जांच की मांग
नरैनी। सगे भाइयों की हत्या में नामजद पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के पुत्र व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा के समर्थन में उनकी पत्नी अंजना वर्मा व पुत्रवधू कोमल वर्मा ग्रामीणों के साथ सोमवार को लखनऊ विधानसभा पहुंचीं। वहां दोनों महिलाओं ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की।
दोनों महिलाओं ने कहा कि उनके पति लोधी महेंद्र पाल वर्मा को साजिशन फंसाया गया है। इसके पीछे जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा का हाथ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होने से उनके पति को इंसाफ मिल सकेगा। उन्होंने इस हत्याकांड के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। (संवाद)

फोटो-15- नंदवारा गांव में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से अनशन पर बैठा पीड़ित परिवार। संवाद