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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   The victims did not get medical done, recorded their statements in the court, police could not arrest the accused even on the fifth day

Banda News: पीड़िताओं ने नहीं कराया मेडिकल, कोर्ट में दर्ज कराए बयान, पांचवें दिन भी आरोपियों को नहीं गिरफ्तार कर सकी पुलिस

Thu, 27 Mar 2025 12:14 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Mar 2025 12:14 AM IST
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The victims did not get medical done, recorded their statements in the court, police could not arrest the accused even on the fifth day
बांदा। तीन युवतियों से दुष्कर्म व यौन शोषण के मामले में पुलिस ने बुधवार को पीड़िताओं के मजिस्ट्रेट के सामने 164 में बयान दर्ज कराए हैं। वहीं, आरोप लगाने वाली युवतियों ने अपना मेडिकल परीक्षण कराने से मना कर दिया है। उधर, रिपोर्ट दर्ज होने के पांच दिन बाद भी पुलिस आरोपी कारोबारियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई। कानून के जानकारों का कहना है कि मामला बेहद संगीन है। इसमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।
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बीती 22 मार्च को शहर के तीन अलग-अलग मुहल्लों की रहने वाली तीन युवतियों ने तीन कारोबारियों पर नौकरी देने और दिलाने के नाम पर दुष्कर्म और यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर और युवतियों के बयान के आधार पर बीएनएस की धारा 69 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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बुधवार को तीनों युवतियों को पुलिस जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंची। ड्यूटी डॉक्टर ने जब तीनों का मेडिकल करने के लिए कहा तो उन्होंने स्वेच्छा से मना कर दिया। ड्यूटी डॉक्टर ने तीनों से यह बात लिखित में ली है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। कोर्ट में तीनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
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उधर, केस दर्ज करने के पांच दिन बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 लगाई है। कानून के जानकार बताते हैं कि इस धारा में केस दर्ज होने बाद सबसे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी करनी चाहिए। इस मामले में पुलिस ढिलाई पर सवाल उठने लगे हैं। इतने संगीन मामले में पुलिस आरोपियों को अभी तक क्यों नहीं गिरफ्तार कर पाई? इस संबंध में एसपी का कहना है कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।



वहीं, मामले में पुलिस की ढीली कार्रवाई पर जानकार शक जता रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपी प्रभावशाली हैं। यदि उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी तो वह मामले को प्रभावित कर सकते हैं। पीड़िताओं के मेडिकल कराने से इन्कार करने को इसी संदेह से देखा जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद उनका बयान और पेन ड्राइव में मौजूद सबूत गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।





पुलिस की ओर से यौन शोषण की पीड़िताओं के मेडिकल व कोर्ट में बयान की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इस केस में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।




- राजीव प्रताप सिंह, विवेचक, सीओ सिटी, बांदा





अधिवक्ता बोले-होनी चाहिए थी आरोपियों की गिरफ्तारी



तीन युवतियों से यौन शोषण मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार दीक्षित का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की नियमावली में प्रावधान है कि अगर पीड़िता मेडिकल नहीं कराना चाहती है, तो वह मना कर सकती है। हालांकि, इस केस में आरोप लगाने वाली युवतियों ने अगर अपना मेडिकल नहीं कराया है, तो उनका केस कमजोर हो सकता है। पुलिस ने केस में बीएनएस की धारा 69 लगाई है। इस धारा में रिपोर्ट दर्ज होने बाद सबसे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की जानी चाहिए। अगर पीड़िताएं किसी कारणवश कोर्ट में अपना बयान बदलती हैं तो उन पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर सकती है। इसमें उन्हें झूठी एफआईआर दर्ज कराने में सात साल की सजा हो सकती है।
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