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Banda News: बाढ़ का खतरा टला, अब गंदगी से जिंदगी बेहाल
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राजापुर (मऊ)। यमुना नदी का जलस्तर कम होने लगा है। इससे बाढ़ का खतरा तो कम हो गया, लेकिन प्रभावित गांवों में लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। रास्ते दलदल में तब्दील हैं। चौतरफा गंदगी के चलते मच्छरों की भरमार है। इससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
राजापुर तिरहार क्षेत्र में अर्की गांव के रास्ते व मऊ के मवई कला गांव के रास्ते में पानी न निकलने से ग्रामीण गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे। हालत यह कि है लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। कीचड़ व गंदगी होने से बदबू भी आ रही है। कई बार शिकायतों के बाद भी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम तक नहीं पहुंची।
यमुना नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से दो मीटर कम हो हो गया। इसके बाद भी अर्की गांव जाने वाले मार्ग में पानी भर हुआ है। इससे सबसे ज्यादा अर्की गांव प्रभावित है। गांव के पास ही रास्ते में पानी भरा होने से ग्रामीणों का आना-जाना बंद है। अर्की गांव के रमेश सिंह, लवलेश, रामसिया आदि ने बताया कि गांव के बाहर बनी सड़क में पानी भर हुआ है। खेती सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहा है। गंदगी व कीचड़ होने से बदबू भी आती रहती है। गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची।
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अर्की गांव जाने वाले रास्ते में पानी भरा होने से क्षेत्र के अतरौली, देवारी, हस्ता, बिहरवा, चांदी, धुमाई, नैनी, धौरहा गांव के लोग परेशान हैं। नदी किनारे लगी फसलों में भी पानी भरा गया है।
मवई गांव सबसे अधिक प्रभावित
क्षेत्र में बाढ़ के कारण सबसे अधिक मवई गांव प्रभावित है। गांव बाहर रास्ते में पानी भर हुआ है। इसके अलावा बरवार, कनभय, भैरमबाबा पुरवा आदि गांव के रास्ते में पानी भरा हुआ है। मवई गांव के पास कीचड़ व गंदगी होने से बदबू भी आ रही है। स्थानीय निवासी रामलाल, कल्लू, रामपाल कहना कि यमुना नदी का पानी तो उतर जाता है। गंदगी की सफाई नहीं की जाती है। इससे बीमारी फैल जाती है।
इनसेट
जिम्मेदार बोले-गांवों में कराई जाएगी सफाई
राजापुर/मऊ। एसडीएम राजापुर फूलचंद्र यादव ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर कम होने लगा है। राजस्व विभाग की टीम निगरानी बनाए हुए है। गांवों में सफाई कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। मऊ क्षेत्र के एसडीएम राम ऋषि रमन ने बताया कि यमुना नदी की तलहटी पर बसे गांवों की रिपोर्ट लगातार तहसील कंट्रोल रूम में भेजी जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एस के सिंह ने बताया कि बुधवार को दो मीटर से पानी उतरा है। खतरे का निशान 93.50 मीटर है। संवाद
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राजापुर तिरहार क्षेत्र में अर्की गांव के रास्ते व मऊ के मवई कला गांव के रास्ते में पानी न निकलने से ग्रामीण गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे। हालत यह कि है लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। कीचड़ व गंदगी होने से बदबू भी आ रही है। कई बार शिकायतों के बाद भी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम तक नहीं पहुंची।
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यमुना नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से दो मीटर कम हो हो गया। इसके बाद भी अर्की गांव जाने वाले मार्ग में पानी भर हुआ है। इससे सबसे ज्यादा अर्की गांव प्रभावित है। गांव के पास ही रास्ते में पानी भरा होने से ग्रामीणों का आना-जाना बंद है। अर्की गांव के रमेश सिंह, लवलेश, रामसिया आदि ने बताया कि गांव के बाहर बनी सड़क में पानी भर हुआ है। खेती सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहा है। गंदगी व कीचड़ होने से बदबू भी आती रहती है। गांव में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची।
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अर्की गांव जाने वाले रास्ते में पानी भरा होने से क्षेत्र के अतरौली, देवारी, हस्ता, बिहरवा, चांदी, धुमाई, नैनी, धौरहा गांव के लोग परेशान हैं। नदी किनारे लगी फसलों में भी पानी भरा गया है।
मवई गांव सबसे अधिक प्रभावित
क्षेत्र में बाढ़ के कारण सबसे अधिक मवई गांव प्रभावित है। गांव बाहर रास्ते में पानी भर हुआ है। इसके अलावा बरवार, कनभय, भैरमबाबा पुरवा आदि गांव के रास्ते में पानी भरा हुआ है। मवई गांव के पास कीचड़ व गंदगी होने से बदबू भी आ रही है। स्थानीय निवासी रामलाल, कल्लू, रामपाल कहना कि यमुना नदी का पानी तो उतर जाता है। गंदगी की सफाई नहीं की जाती है। इससे बीमारी फैल जाती है।
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जिम्मेदार बोले-गांवों में कराई जाएगी सफाई
राजापुर/मऊ। एसडीएम राजापुर फूलचंद्र यादव ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर कम होने लगा है। राजस्व विभाग की टीम निगरानी बनाए हुए है। गांवों में सफाई कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। मऊ क्षेत्र के एसडीएम राम ऋषि रमन ने बताया कि यमुना नदी की तलहटी पर बसे गांवों की रिपोर्ट लगातार तहसील कंट्रोल रूम में भेजी जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एस के सिंह ने बताया कि बुधवार को दो मीटर से पानी उतरा है। खतरे का निशान 93.50 मीटर है। संवाद