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कथित बैंक के अभिलेख पुलिस ने कब्जे में लिए
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The police took possession of the records of the alleged bank
- फोटो : BANDA
बांदा। रामुद्रा अर्बन प्राइवेट बैंक में सैकड़ों युवाओं और महिला-पुरुषों के जमा किए गए लाखों रुपये के मामले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को बैंक कार्यालय से कंप्यूटर व बड़ी संख्या में अन्य सामान तथा कैश बरामद कर कब्जे में ले लिया। आरोपी दीपक रायकवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने उसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया था।
उधर, धोखाधड़ी के शिकार तमाम लोग शुक्रवार को कोतवाली पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। सिविल लाइन निवासी दीपक शुक्ला ने शहर कोतवाली में मवई बाईपास रोड निवासी दीपक रायकवार आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें दीपक आदि पर धोखाधड़ी आदि करके पैसा जमा कराने का आरोप था। शुक्रवार को केस की विवेचना कर रहे कोतवाली के दरोगा रमाकांत शुक्ला ने फोर्स के साथ शहर के संकट मोचन मंदिर के सामने स्थित रामुद्रा बैंक कार्यालय में छापा मारकर तीन कंप्यूटर, 97 पासबुक, 10 रजिस्टर, दो मोहर, 1197 जमा पर्ची, 761 खाताधारकों के फार्म (बिना हस्ताक्षर) और कैशियर की दराज से 6512 रुपये बरामद किए। इन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कथित बैंक में काम करने वाले कई बैंक कर्मियों से पूछताछ की।
उधर, लगभग पचास से ज्यादा लोग शहर कोतवाली पहुंचे। बांदा शहर सहित हमीरपुर के राठ व इचौली, ग्योड़ी आदि गांव और कब्जों के थे। उन्होंने विवेचक दरोगा को बताया कि एफडी, आरडी, बांड और बचत खाता के नाम से हजारों रुपये वसूले गए। राठ के एक एजेंट ने बताया कि उसने 291 लोगों के खाते खुलवाकर पैसा जमा कराया है। अब खाताधारक उसे पैसा वापसी को परेशान कर रहे हैं। इन सभी ने अपनी पासबुकें भी दिखाईं। विवेचक ने तहरीर देने को कहा है। उधर, दो दिन पूर्व गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपक रायकवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोपी की मां सुधा रायकवार ने इसी दौरान घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि कोतवाली में उसे प्रताड़ित और दुर्व्यवहार किया गया। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा ली।
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उधर, धोखाधड़ी के शिकार तमाम लोग शुक्रवार को कोतवाली पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। सिविल लाइन निवासी दीपक शुक्ला ने शहर कोतवाली में मवई बाईपास रोड निवासी दीपक रायकवार आदि के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें दीपक आदि पर धोखाधड़ी आदि करके पैसा जमा कराने का आरोप था। शुक्रवार को केस की विवेचना कर रहे कोतवाली के दरोगा रमाकांत शुक्ला ने फोर्स के साथ शहर के संकट मोचन मंदिर के सामने स्थित रामुद्रा बैंक कार्यालय में छापा मारकर तीन कंप्यूटर, 97 पासबुक, 10 रजिस्टर, दो मोहर, 1197 जमा पर्ची, 761 खाताधारकों के फार्म (बिना हस्ताक्षर) और कैशियर की दराज से 6512 रुपये बरामद किए। इन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कथित बैंक में काम करने वाले कई बैंक कर्मियों से पूछताछ की।
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उधर, लगभग पचास से ज्यादा लोग शहर कोतवाली पहुंचे। बांदा शहर सहित हमीरपुर के राठ व इचौली, ग्योड़ी आदि गांव और कब्जों के थे। उन्होंने विवेचक दरोगा को बताया कि एफडी, आरडी, बांड और बचत खाता के नाम से हजारों रुपये वसूले गए। राठ के एक एजेंट ने बताया कि उसने 291 लोगों के खाते खुलवाकर पैसा जमा कराया है। अब खाताधारक उसे पैसा वापसी को परेशान कर रहे हैं। इन सभी ने अपनी पासबुकें भी दिखाईं। विवेचक ने तहरीर देने को कहा है। उधर, दो दिन पूर्व गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपक रायकवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोपी की मां सुधा रायकवार ने इसी दौरान घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि कोतवाली में उसे प्रताड़ित और दुर्व्यवहार किया गया। इसी से क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा ली।

The police took possession of the records of the alleged bank- फोटो : BANDA
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