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मदरसे के बच्चों ने खाली टिफिन लेकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sun, 20 Nov 2016 12:30 AM IST
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बच्चे खाली टिफिन दिखाकर प्रदर्शन करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। नोट पाबंदी के साथ निजी और संस्थाओं के खाते पर भी कसे गए शिकंजे से मदरसों में पढ़ रहे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों को खाने के लाले पड़ रहे हैं। जिलाधिकारी से की गई फरियाद को भी अनसुना कर दिया गया है। नरैनी रोड पर मदरसा दारुल उलूम रब्बानियां स्थित है। यह काफी पुराना मदरसा है। देश के विभिन्न सूबों के 450 छात्र मदरसे के छात्रावास (हास्टल) में रह रहे हैं। इनमें ज्यादातर गरीब हैं।
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इन सभी को मदरसे की ओर से ही दोनों वक्त का खाना और नाश्ता इत्यादि दिया जाता है। छात्रावास इंचार्ज शहाबुद्दीन ने बताया कि सेंट्रल बैंक में मदरसे का खाता है लेकिन अब पिछले 10 दिनों से मदरसे के खाते से पर्याप्त पैसा न मिलने से बच्चों के समक्ष खाने के लाले पड़ने की नौबत आ गई है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को अर्जी देकर अनुरोध किया गया था कि छात्रों के भोजन आदि के लिए प्रतिदिन खाते से पर्याप्त पैसा दिया जाए, पर बैंक ने इनकार कर दिया। उधर, शनिवार को छात्रों ने अपने खाली टिफिन लेकर छात्रावास के सामने प्रदर्शन किया।
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