{"_id":"1f24253342774d9f0fb59a217363e2cd","slug":"the-outbreak-of-aphids-in-mustard-and-lentil-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरसो और मसूर में माहू का प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरसो और मसूर में माहू का प्रकोप
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। बारिश व बदली के मौसम में दलहनी और तिलहानी
विज्ञापन
फसलों में माहू कीट नुकसान पहुंचा सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने
किसानों को माहू रोग से निपटने के उपाय सुझाए हैं।
उप कृषि रक्षा निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान हमीरपुर, चित्रकूट व महोबा में सरसो और मसूर की फसलों में माहू कीट के प्रकोप का मामला सामने आया है।
यह मटमैले भूरे रंग के कीट झुंडों में कोमल पत्तियों व डालियों का रस चूसकर पौधों को कमजोर कर देते हैं। इससे पौधे व दाने कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कृषि रक्षा इकाई में 50 फीसदी अनुदान पर कीट रसायन उपलब्ध हैं।
माहू को खत्म करने के लिए डाईमिथोएट30 ईसी एक लीटर मिथाइल ओ डिमेटान 25 ईसी एक लीटर मोनोक्रोटोफॉस 36 एसएल एक लीटर और डाईक्लोवास 70 ईसी 500 एमएल को पांच सौ लीटर पानी में घोल बनाए और इसका छिड़काव करें।
उप कृषि रक्षा निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान हमीरपुर, चित्रकूट व महोबा में सरसो और मसूर की फसलों में माहू कीट के प्रकोप का मामला सामने आया है।
यह मटमैले भूरे रंग के कीट झुंडों में कोमल पत्तियों व डालियों का रस चूसकर पौधों को कमजोर कर देते हैं। इससे पौधे व दाने कमजोर हो जाते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि कृषि रक्षा इकाई में 50 फीसदी अनुदान पर कीट रसायन उपलब्ध हैं।
माहू को खत्म करने के लिए डाईमिथोएट30 ईसी एक लीटर मिथाइल ओ डिमेटान 25 ईसी एक लीटर मोनोक्रोटोफॉस 36 एसएल एक लीटर और डाईक्लोवास 70 ईसी 500 एमएल को पांच सौ लीटर पानी में घोल बनाए और इसका छिड़काव करें।