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संगठन से भी बुंदेलखंड का पत्ता साफ
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:30 PM IST
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शिवपाल यादव
- फोटो : Self
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बांदा। बुंदेलखंड को सपा ने एक और झटका दिया। सरकार के बाद अब संगठन से भी पत्ता साफ कर दिया। शिवपाल यादव की नई टीम में एक भी पदाधिकारी बुंदेलखंड (चित्रकूटधाम मंडल) का नहीं है। महोबा और हमीरपुर की दो महिलाआें को कार्यकारिणी में सिर्फ सदस्य बनाया गया है। बांदा और चित्रकूट का पत्ता पूरी तरह साफ कर दिया है, जबकि पिछली कार्यकारिणी में बांदा को प्रतिनिधित्व मिला था।
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साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में सपा सरकार में आठ बार मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, पर कभी बुंदेलखंड के हाथ कुछ नहीं लगा। यहां तक कि निगम और आयोगों में भी यहां के किसी सपा नेता को कोई पद नहीं दिया गया। यहां के सपा नेता भले ही अनुशासन के डर से अपना यह शिकवा जबान पर नहीं ला सके, लेकिन दिल में इसका मलाल रहा। चित्रकूटधाम मंडल में सपा के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक हैं।
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किसी को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। सीएम अखिलेश यादव से प्रदेश अध्यक्ष का ताज लेकर चाचा शिवपाल यादव के सिर पहना देने के बाद सपा नेताओं को उम्मीद थी कि शिवपाल की टीम में कोई पद मिलेगा। खासकर शिवपाल लॉबी के सपा नेताओं को ज्यादा भरोसा था, पर बृहस्पतिवार को जारी हुई प्रदेश की नई कार्यकारिणी से सपा नेताओं को तगड़ा झटका लगा है।
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पिछली कार्यकारिणी में चित्रकूटधाम मंडल को प्रतिनिधितत्व मिला था। अच्छेलाल निषाद (बांदा) और पूर्व विधायक अंब्रेश कुमारी (महोबा) कार्यकारिणी में शामिल थीं। शिवपाल की नई कार्यकारिणी में अंब्रेश कुमारी की सदस्यता तो बरकरार रखी गई लेकिन अच्छेलाल का पत्ता साफ कर दिया गया।
हमीरपुर की जरीना उस्मानी को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बांदा और चित्रकूट को कोई नुमाइंदगी नहीं मिली है। इसके अलावा नई कार्यकारिणी में दो दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी हैं। इनमें बुंदेलखंड का एक भी नहीं है।