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44 पर पहुंचा पारा, अप्रैल में मई जैसी गर्मी

Mon, 04 Apr 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Mon, 04 Apr 2016 11:16 PM IST
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 The mercury peaked at 44 April, May, including heat
मौसम - फोटो : demo pic

बांदा। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान से शुरू हुए अप्रैल में चार दिनों मेें ही पारा 44 डिग्री पहुंच गया है। तेजी से बढ़ रही गर्मी को लेकर हायतौबा मची है। आमतौर पर इतनी गर्मी मई में पड़ती थी।

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न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री पर आ गया है, जो सामान्य से क्रमश: 4 और 5 डिग्री अधिक है। बादल छाये रहने से उमस बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक अभी हफ्ते तक राहत के कोई आसार नहीं हैं। अलबत्ता बारिश के हालात बन सकते हैं।
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बुंदेलखंड में इस साल गर्मी नया रिकार्ड बना रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस खान ने बताया कि इस सप्ताह लगातार तापमान बढ़ेगा। पूर्वानुमान जताया कि अप्रैल के पहले पखवारे में ही अधिकतम तापमान 45 और न्यूनतम 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है।
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पिछले तीन दिनों में अधिकतम छह और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ा है। डॉ. खान ने बताया कि पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इससे कुछ दिनों बाद राहत मिल सकती है। बदली और बूंदाबांदी से मौसम में कुछ सुधार हो सकता है।

उधर, केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 44.0 और न्यूनतम 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से क्रमश: 4 और 5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। इसके पूर्व वर्ष 2014 में 4 अप्रैल को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 21 तथा वर्ष 2015 में अधिकतम 36.5 और न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तपिश बढ़ने से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

घर से धूप में निकलना पड़े तो पर्याप्त मात्रा में पानी, मट्ठा या जलजीरा पी लें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। चेहरे को ढककर निकलें, क्योंकि अचानक तेज धूप और लू नुकसान पहुंचा सकती हैं।


सूरज की किरणें और गर्म हवा शरीर में पानी की कमी पैदा कर सकती है। अधिक पसीना आने के कारण धूप में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो जाती है। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
-डॉ. करन राजपूत, वरिष्ठ फिजीशियन।

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