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धर्मगुरुओं के मन की बात, एकता पर न आए आंच

Sat, 09 Nov 2019 11:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2019 11:18 PM IST
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The matter of the minds of the religious leaders, unity should not be affected
बांदा : मौलाना हबीब अहमद। - फोटो : BANDA
बांदा। सुप्रीमकोर्ट का फैसला जानने को हर कोई बेताब था। 16 अक्तूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद से ही कयासबाजियों का बाजार गर्म था। अलबत्ता यह माना जा रहा था कि 10 नवंबर को मनाई जा रही जश्ने ईद मीलाद के बाद फैसला आएगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने मुख्य फैसले से पहले शुक्रवार की शाम यह अप्रत्याशित फैसला ले लिया कि अपना निर्णय शनिवार (9 नवंबर) को सुनाएगा। सुबह साढ़े 10 बजे फैसले की घड़ी आते ही बड़ी संख्या में लोग टीवी और अन्य सूचना माध्यमों से जुड़ गए। फैसले के बाद धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित लोगों, राजनेताओं आदि ने प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।
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मेलजोल की नायाब वरासत रहे बरकरार
मदरसा जामिया अरबिया, हथौरा के नाजिम (प्रबंधक) मौलाना हाफिज, कारी हबीब अहमद ने पूरे मुल्क के लोगों और खासतौर पर बुंदेलखंड और बांदा के बाशिंदों को 12 रबी अव्वल पर मुबारकबाद देते हुए कहा है कि हमें अपनी कौमी एकता और इत्तिहाद की नायाब वरासत को सब्र के साथ बरकरार रखते हुए एक बार फिर पूरे देश को बांदा की गंगा-जमुनी तहजीब का पैगाम देना है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हमारे सभी उलेमा और बुजुर्गों ने पहले ही यह वाजेह (स्पष्ट) कर दिया था कि कोर्ट का फैसला तस्लीम करेंगे।
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यह मौका सब्र और तहम्मुल का
मदरसा दारूल उलूम रब्बानियां के मौलाना और 12 रबी अव्वल मरकजी कमेटी के सरपरस्त शहर काजी मेराज मसूदी (अकील मियंा) ने कहा है कि यह मौका सब्र और तहम्मुल का है। हमें कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे शहर या जिले के अमन, भाईचारा और खुशगवार माहौल को आंच आए। उन्होंने मुल्क के सभी बाशिदों को यौमे विलादत (12 रबी अव्वल) की मुबारकबाद देते हुए हमेशा की तरह मिलजुलकर इसे मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है जुलूस-ए-मोहम्मदी 10 नवंबर को पुरानी परंपरा के मुताबिक निकलेगा।
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मेल मोहब्बत और हमदर्दी रखे बरकरार
शहर काजी मौलाना कमरूद्दीन ने कहा है कि मुस्लिमों को सब्र के साथ सुप्रीमकोर्ट के फैसले और अपने उलमाए इकराम के मशवरे को मानना चाहिए। आपस में मेल मोहब्बत और एक-दूसरे से हमदर्दी जरूरी है। उन्होंने हुकूमत और अफसरान से दरख्वास्त की है कि बदअमनी फैलाने की कोशिशों पर सख्त नजर रखी जाए। लोगों से अपील की कि ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे बांदा की गंगा-जमुनी तहजीब को नुकसान हो। शहर में अमन-शांति बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, हमें यह जिम्मेदारी पूरी शिद्दत से निभानी चाहिए।

बांदा : अकील मियां।

बांदा : अकील मियां।- फोटो : BANDA

बांदा : मौलाना कमरुद्दीन।

बांदा : मौलाना कमरुद्दीन। - फोटो : BANDA

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