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Banda News: पर्यटन की संभावनाएं जगा संपन्न हुआ बुंदेली शौर्य व सांस्कृतिक चेतना का महाकुंभ

Thu, 19 Feb 2026 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 19 Feb 2026 12:20 AM IST
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The Maha Kumbh of Bundeli bravery and cultural consciousness concluded, awakening the possibilities of tourism.
फोटो - 11 मेले के दौरान लगाए गए स्टाल परिसर में प्रवेश करते लोग। संवाद - फोटो : गौरीगंज कोतवाली में पकड़े गए पवन कुमार सिंह के हत्यारोपी।
कालिंजर। तीन दिनों तक चले महोत्सव में चंदेलों की अजेय विरासत और शिवभक्ति के केंद्र ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग की प्राचीरें एक बार फिर जीवंत हो उठीं। इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा थीम पर आधारित महोत्सव ने न केवल पर्यटन की नई संभावनाओं को जन्म दिया, अपितु स्थानीय कला और कौशल को भी वैश्विक मंच प्रदान किया। मंगलवार देररात जब बुंदेली लोक संस्कृति और आधुनिक सुरों के अनूठे संगम के साथ महोत्सव का समापन हुआ, तब लोग अगले आयोजन को लेकर उत्साहित नजर आए।
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सुरों से महकी कालिंजर की ढलान, महोत्सव की अंतिम संध्या आज की शाम, कालिंजर के नाम पूरी तरह से कलाकारों के नाम रही। बॉलीवुड पार्श्व गायिका ममता शर्मा के सुरों पर जहां युवा झूमने को मजबूर हुए, वहीं राजा रेंचो के प्रदर्शन ने दर्शकों को बांधे रखा। इससे पूर्व के दिनों में तृप्ति शाक्य की भक्ति लहरियों और साधो द बैंड के सूफी फ्यूजन ने दुर्ग की शांत फिजाओं में एक नई ऊर्जा भर दी थी।
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साहस और कौशल का प्रदर्शन सांस्कृतिक कार्यक्रमों से इतर, महोत्सव का मुख्य आकर्षण खेलो कालिंजर रहा। मिट्टी की सौंधी खुशबू के बीच आयोजित दंगल में देश-दुनिया के पहलवानों ने अपने दांव-पेच दिखाए। इसके साथ ही खो-खो और कबड्डी की प्रतियोगिताओं ने यह सिद्ध किया कि बुंदेलखंड की प्रतिभाएं खेल के मैदान में भी पीछे नहीं हैं। बांदा गॉट टैलेंट के माध्यम से स्थानीय छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सार्थक मंच मिला। विकास और विरासत का संगम दुर्ग परिसर में लगा सरस मेला आत्मनिर्भर भारत की एक सूक्ष्म झलक पेश कर रहा था। टेराकोटा शिल्प से लेकर हस्तशिल्प तक, स्वयं सहायता समूहों के स्टालों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई। सरकारी विभागों द्वारा आयोजित गोष्ठियों में किसानों और महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया गया।
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कजरारे-कजरारे, तेरे कारे-कारे नैना पर युवा थिरके

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कालिंजर। बॉलीवुड नाइट के साथ कालिंजर महोत्सव का समापन मंगलवार देर रात हुआ। इस दौरान बॉलीवुड की गायिका ममता शर्मा ने जहां अपने सुरों से युवाओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ममता शर्मा ने मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए गाने से की। इसे सुनकर युवा अपनी जगहों पर थिरकने लगे। कुर्सियों के ऊपर खड़े होकर लोगों ने खूब नृत्य किया। इसके बाद उन्होंने थाना में बैठे ऑन ड्यूटी, बजावै हैं पांडे जी सीटी, पिंकी है पैसे वालों की, कमरिया हिला रे, हिला रे, कजरारे-कजरारे, मेरे कारे-कारे नैना, अनारकली डिस्को चली, भोला नहीं माने, मचल गई नचबे को, होलिया में उड़े रहे गुलाल गीतों से समा बांध दिया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार, जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत, अखिलेश नाथ दीक्षित, डीएम जे रीभा, विवेकानंद गुप्ता, ओममणी वर्मा, सीडीओ अजय पांडेय, एडीएम धर्मेंद्र, हरिश्चंद्र सोनकर, ओमप्रकाश राजपूत, हर्ष पांडेय, विलास द्विवेदी, कोमल कुशवाहा, आयुष त्रिवेदी, शिवम कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

फोटो - 11 मेले के दौरान लगाए गए स्टाल परिसर में प्रवेश करते लोग। संवाद

फोटो - 11 मेले के दौरान लगाए गए स्टाल परिसर में प्रवेश करते लोग। संवाद- फोटो : गौरीगंज कोतवाली में पकड़े गए पवन कुमार सिंह के हत्यारोपी।

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