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Banda News: जिपं अध्यक्ष ने जेम पोर्टल पर उठाए सवाल, कहा ज्यादा रेट दिए

Thu, 31 Jul 2025 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jul 2025 12:35 AM IST
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The JIP president raised questions on the Gem portal, said more rates
सुनील सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष - फोटो : संवाद
बांदा। तहबाजारी, जनरेटर खरीद और नाते-रिश्तेदारों को ठेका देने के मामले में दोषी पाए गए जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल ने जांच पर ही सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि जेम पोर्टल सरकारी व्यवस्था है। जनरेटर के इसमें जो न्यूनतम रेट थे, उसी को स्वीकृत किया गया। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत सदस्य मीराबाई पटेल का मामला जांच में था ही नहीं तो फिर इसे क्यों शामिल कर लिया गया।
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सदर विधायक व जिला पंचायत के कुछ सदस्यों ने मंडलायुक्त व शासन में की गई शिकायत में अध्यक्ष पर तहबाजारी में करोड़ों रुपये का गबन करने और जनरेटर बाजार मूल्य से कई गुना ज्यादा दाम पर खरीदने तथा सजातीय सदस्यों के जरिए नाते-रिश्तेदारों को जिला पंचायत के ठेके देने का आरोप लगाया था। इस पर शासन के निर्देश पर महोबा डीएम ने जांच की थी।
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डीएम की रिपोर्ट पर शासन के विशेष सचिव राकेश कुमार त्यागी ने जिला पंचायत अध्यक्ष से तीन बिंदुओं पर दोषी पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील कुमार पटेल ने महोबा डीएम की जांच और जेम पोर्टल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिपरी गांव निवासी साकेत ने जिला पंचायत सदस्य मीराबाई पटेल ने अपने पिता रामऔतार के नाम की फर्म को तमाम टेंडर देकर कार्य कराए और इसमें घपला किया।
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सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने साकेत की शिकायत को मंडलायुक्त को मार्च में दिया था। दोषियों पर जांच व कार्रवाई की मांग की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला अलग है तो फिर इसे इस जांच में कैसे शामिल कर लिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनरेटर के लिए जेम पोर्टल से निविदाएं ली गई थीं। यह पोर्टल तो सरकार का है। इसमें कैसे इतनी ज्यादा दर डाल दी गई। उन्हें जैसे ही बाजार रेट से ज्यादा की जानकारी हुई तो तुरंत भुगतान पर रोक लगाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कराई थी। उन्होंने कहा कि जनरेटर खरीद में भी तीन सदस्यीय कमेटी इसे पास करती है तो क्या कमेटी अधिकारी दोषी नहीं हैं।
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