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Banda News: हिस्ट्रीशीटर गुरु की तर्ज पर चल रहे थे गुर्गे, पकड़े गए

Mon, 05 Jan 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Mon, 05 Jan 2026 12:10 AM IST
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The henchmen were following the footsteps of the history-sheeter Guru, they were caught.
बांदा। हिस्ट्रीशीटर गुरु के तर्ज पर चल रहे थे चेले पर पुलिस की निगाह से बच नहीं सके। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि वर्ष 2012 में हिस्ट्रीशीटर तुषार गुप्ता को एसटीएफ ने जाली नोट के मामले में गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपी उसी के गुर्गे हैं।
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गुरु के रास्ते का अनुसरण कर इन आरोपियों ने जाली नोट छापने का काम शुरू किया था। नोट के सीरियल नंबर एक ही होने के चलते यह बाजार में पकड़ गए। पुलिस ने इनकी तह तक जानकारी की तो पूरा मामला निकलकर सामने आ गया। पकड़े गए दोनों महोबा के कबरई के रहने वाले हैं। एक साथी बांदा का है। एक अन्य भी महोबा का है। बांदा के साथी इनके पूरे नोट को खपाने के लिए जिम्मेदारी लिए था। उसकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। कम समय में अमीर बनने का ख्वाब संजोए इन अपराधियों के अरमानों में पानी फिर गया।
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एक ही सीरियल के दो नोट देखकर दुकानदार ने पुलिस को दी थी सूचना
बांदा। शहर में जाली नोट खपाने का यह मामला एक बुजुर्ग व्यक्ति से संज्ञान में आया। वह बुजुर्ग व्यक्ति शहर की बाजार में सौदा लेने गए थे। दुकानदार को उन्होंने 500-500 के दो नोट दिए। दोनों नोटों में एक ही सीरियल नंबर अंकित होने पर दुकानदार को शक हुआ। उसने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बुजुर्ग व्यक्ति से पूछताछ की तो उन्होंने नोट को अमुक व्यक्ति से मिलना बताया। इस तरह से पुलिस असली अपराधियों तक पहुंची। जिससे पूरे मामले का खुलासा हो सका। (संवाद)
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नोट छापने के लिए ए-4 साइज के कागज का इस्तेमाल



बांदा। पुलिस जांच में सामने आया है कि अपराधी नोट छापने के लिए नार्मल ए-4 साइज का कागज इस्तेमाल रहे थे। उनकी सियाही और प्रिंट बहुत ही साफ था। इसके अलावा यह सीरियल नंबर भी सभी नोटों में एक ही डाले थे। हालांकि कागज की क्वालिटी सही नहीं थी। अगर सही तरीके से नोट की जांच न की जाती तो शायद यह बाजार में खप गया होता। इन अपराधियों को मकसद छोटे जिलों में नोट खपाने का था। इसलिए इन्होंने सबसे पहले बांदा की मार्केट को पकड़ा था। बाद में महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर में भी नोट खपाने की तैयारी में थे। हालांकि पहले ही प्रयास में यह धरे गए। (संवाद)
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