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फूलों की होली ने बांधी नीलकंठ महोत्सव में समा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:52 PM IST
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सामूहिक नृत्य पेश करतीं महिला कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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नीलकंठ महोत्सव में क्षेत्रीय बाशिंदों और कार्तिक पूर्णिमा पर दुर्ग में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का जमकर मनोरंजन हो रहा है। मंडलीय सरस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम है। बाहरी कलाकारों की फूलों की होली और मयूर नृत्य ने धूम मचा दी। सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, विधायक राजकरन कबीर, विधायक प्रकाश द्विवेदी, जिलाधिकारी हीरा लाल और भाजपा जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह ने कहा है कि कालिंजर दुर्ग विश्व की धरोहर है। इसकी पूरी दुनिया में पहचान बनेगी।
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महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को दिन के अलावा रात को भी देर तक मंच गुलजार रहा। बस्ती से आईं गायक रंजना अग्रहरि ने हमका दे दे वरदान, चलो रे गुइंया गंगा नहाएं जैसे कई गीतों से समा बांध दिया। कानपुर से आए नटराज ग्रुप ने शिव तांडव नृत्य और उज्जैन की भस्म आरती पेश की। कथक कलाकार दीपमाला सचान ने कत्थक नृत्य सहित शास्त्रीय नृत्य, शुद्ध नृत्य और ईश स्तुति की। नटराज ग्रुप द्वारा प्रस्तुत की गई मयूर नृत्य और फूलों की होली आकर्षक रही।
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यह दृश्य और गीत के बीच मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि और अैिधकारी भी झूम उठे। सभी ने एक-दूसरे पर फूल बरसाकर होली खेली। साथ ही सांसद, विधायक और डीएम ने कलाकारों को प्रशस्तिपत्र दिए। विधायक राजकरन कबीर ने सभी का आभार जताया। सीडीओ हीरालाल, एडीएम संतोष बहादुर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल, नरैनी एसडीएम अवधेश श्रीवास्तव, तहसीलदार राजीव निगम सहित भाजपा नेता दिलीप राजपूत, राकेश मिश्रा, प्रेमनारायण द्विवेदी, अतुल सुल्लेरे, पियूष गर्ग, नीतेश भदौरिया, दिनेश मिश्रा, अरविंद छिरौलिहा आदि उपस्थित रहे।
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पर्यटक नदारद, श्रद्धालुओं की भीड़
कालिंजर। नीलकंठ महोत्सव में अधिकांश भीड़ कार्तिक पूर्णिमा में दुर्ग में स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की है। महोत्सव के दो दिन बाद भी बाहरी पर्यटकों का आना शुरू नहीं हुआ है। उधर, आसपास के ग्रामीण भी दिन में ही ज्यादा आ रहे हैं। शाम के कार्यक्रमों में यह संख्या कम हो जाती है। उधर, हिंदू युवा वाहिनी ने प्रसाद वितरित किया। तमाम बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। उन्हें खोया-पाया केंद्र के जरिए परिजनों तक पहुंचाया गया। ब्यूरो
आग से अफरा-तफरी
कालिंजर। शनिवार को दोपहर दुर्ग परिसर में रानी महल के पास पेड़ों और झाड़ियों में आग भड़क उठी। इसे लेकर अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के लिए खड़े किए गए जल निगम के पानी भरे टैंकर आग बुझाने में खर्च हुए। उधर, फायर कर्मियों और पुलिस जवानों ने पौधों की हरी टहनियों से आग बुझाई। आग रानी महल के पास लगी। ब्यूरो