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जल संस्थान के खोदे गड्ढे में डूबकर बालिका की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 05 Jun 2016 11:41 PM IST
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केन नदी में बालिका की डूबकर मौत के बाद घटना स्थल पर एसडीएम व पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। जल संस्थान द्वारा केन नदी में इंटेकवेल तक पानी पहुंचाने के लिए जेसीबी से जल धारा में खोदे गए गड्ढे ने आठ वर्षीय बालिका की जान ले ली। छोटी बहन को डूबते देख 12 वर्षीय बड़ी बहन बेहोश हो गई। उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने नाराज ग्रामीणों और परिजनों को शांत करके पंचनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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केन नदी की जल धारा सिमट जाने से इंटेकवेल की तरफ जल धारा मोड़ने के लिए हाल ही में जल संस्थान ने जेसीबी से नदी में खुदाई कराई है। राजघाट में खुदाई से कुछ स्थानों पर पानी के अंदर गहरे गड्ढे हो गए हैं। आमतौर पर यह गड्ढे नजर नहीं आते। रविवार को दोपहर ग्योढ़ी बाबा गांव से रामबाबू निषाद की पुत्री सीमा अपनी बड़ी बहन फूलकली के साथ नदी आई थी। फूलकली नदी किनारे बकरी चराने में व्यस्त हो गई। सीमा नदी में नहाने लगी। तभी वह जल धारा के गहरे गड्ढे में समा गई। फूलकली ने देखा तो चीख मारकर बेहोश हो गई। इस बीच आसपास मौजूद मल्लाहों ने सीमा को पानी से बाहर निकाला, लेकिन उसकी मौत हो गई थी।
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उधर, फूलकली को नजदीक स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। एसडीएम अनुज सिंह, कोतवाली प्रभारी कुशल पाल सिंह और कई चौकी प्रभारी व पुलिस फोर्स घटना स्थल पहुंच गया। मौके पर ही बालिका के शव का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों की मंशा पोस्टमार्टम की नहीं थी। एसडीएम ने मृतका के परिजनों को राशन और अन्य सरकारी मदद का भरोसा दिलाया। नर्सिंगहोम जाकर फूलकली का भी हालचाल लिया। यह दोनों बहनें मूल रूप से बोधी पुरवा की ही रहने वाली हैं। पति रामबाबू से विवाद के चलते उसकी पत्नी अपनी इन दोनों पुत्रियों के साथ अपने मायके ग्योड़ी बाबा गांव चली आई थी। तब से यहीं रह रही थी।
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