फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   The city sent seven tanker village

शहर के सात टैंकर गांव भेजे

Sun, 15 May 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sun, 15 May 2016 12:04 AM IST
विज्ञापन
The city sent seven tanker village
खाईपार मोहल्ले में हैंडपंप पर पानी के लिए मारामारी। - फोटो : अमर उजाला

बांदा। मंडल मुख्यालय के पेयजल संकट पर प्रशासन आंख मूंदे हैं। है। सारे अफसरों का ध्यान गांवों की तरफ है। दो लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर के उपभोक्ता जलकर और जल मूल्य अदा करने के बाद भी पानी के लिए तरस रहे हैं। शहर के सात टैंकर गांवों को भेज दिए गए हैं। मात्र 17 टैंकर शहर में हैं। इनमें भी रोजाना कई खराब रहते हैं। ट्रैक्टर मात्र चार हैं। इनमें तीन किराए के हैं।

विज्ञापन


कई साल बाद इस बार शहर में जल संकट हुआ है। इक्का-दुक्का बस्तियों को छोड़कर किसी भी मोहल्ले में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही। अधिकांश इलाकों में चंद मिनटों के लिए सिर्फ सुबह पानी आ रहा है। वह भी प्रदूषित है। तड़के से आधी रात तक महिला, पुरुष और बच्चे हैंडपंपों से पानी ला रहे हैं।
विज्ञापन


दूसरी तरफ प्रशासन की संवेदनहीनता का यह आलम है कि शहर की जलापूर्ति पर कोई तवज्जो नहीं दी जा रही। सारा जोर गांवों पर है। भीषण गर्मी के बीच शहर में व्याप्त पेयजल संकट में टैंकरों की संख्या बढ़ाने के बजाय और घटा दी गई है। मुख्यालय के 24 टैंकरों में से सात टैंकर गांवों को भेज दिए गए हैं। मात्र 17 टैंकर शहर में हैं। इनसे पानी उन्हीं इलाकों मेें भेजा जा रहा है, जहां रसूख वाले या सिफारिश वाले लोग आबाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मर्दननाका, कुंजरहटी, छिपटहरी, कलामतपुरा, मनोहरीगंज, खाईपार, आवास विकास, कटरा, क्योटरा, बंगालीपुरा, आजाद नगर, गायत्री नगर, परशुराम तालाब आदि मोहल्ले पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां 24 घंटे में सुबह चंद मिनट के लिए जलापूर्ति होती है। टैंकर एक भी नहीं भेजा जाता। परेशान होकर उपभोक्ता किसी नेता या रसूख वाले से आरजू मिन्नत कर टैंकर की सिफारिश कराते हैं, तभी पानी मिलता है। इस बारे में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अपना रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में अवर अभियंता तैनात हैं। पानी की आपूर्ति उनकी जिम्मेदारी है।

अभियंता का महोबा तबादला, बांदा खाली
बांदा। शहर में चल रहे जल संकट के प्रति जल संस्थान के अफसर कितने संवेदनशील हैं, इसकी एक और बानगी सामने आई। मंडल मुख्यालय में तैनात जलकल अभियंता (सहायक अभियंता) का महाप्रबंधक ने महोबा के लिए तबादला कर दिया। फिलहाल यहां किसी की इस पद पर तैनाती नहीं है। नया अभियंता तैनात होने पर उसे शहर की जलापूर्ति की गणित समझने मेें ही महीनों लग जाएंगे।

शहर में तैनात जल कल अभियंता विमल श्रीवास्तव को महाप्रबंधक ने शुक्रवार को महोबा के लिए स्थानांतरित कर दिया। पहले से ही अभियंताओं की कमी से जूझ रहे मंडल मुख्यालय में अब और कमी हो गई। इस बारे में महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी का तर्क है कि महोबा में तैनाती के लिए शासन से निर्देश थे, इसीलिए तबादला किया गया।

उन्होंने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान मेें 30 अवर अभियंताओं के पद हैं। तैनात सिर्फ छह हैं। इतनी भारी कमी के चलते पेयजल आपूर्ति व्यवस्था संचालित करना काफी मुश्किल हो रहा है। महाप्रबंधक ने बताया कि इस बारे में वह शासन को पत्र भेजकर अपर अभियंताओं की तैनाती का अनुरोध किया है।

विधायक ने दी जनांदोलन की चेतावनी
बांदा। जल संस्थान और प्रशासन के नकारापन से शहर में गहरा रहे जल संकट पर सदर विधायक विवेक कुमार सिंह कड़ा रोष जताते हुए चेतावनी दी है कि शहर के बाशिंदों को तत्काल पर्याप्त पानी नहीं मिला तो वह जबरदस्त जन आंदोलन छेड़कर अफसरों की नींद हराम कर देंगे।

विधायक ने कहा कि टैंकरों से पानी की मांग पूरी नहीं की जा सकती। यह सिर्फ खाने-कमाने का धंधा है। मर्दननाका में बने ओवरहेड टैंक की पाइप लाइन से आज तक नहीं जोड़ा जा सका। विधायक ने कहा कि जल संस्थान के मौजूदा एक्सईएन को यह तक नहीं पता कि इस टंकी तक पाइप लाइन पड़ चुकी है।

एक्सईएन ने उनसे चार किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने की जरूरत बता डाली। विधायक ने कहा कि हाल ही में उन्होंने मंडलायुक्त और डीएम को पत्र भेजकर जल संस्थान के भ्रष्टाचार का चिट्ठा सौंपा था, लेकिन अफसरों को यह पत्र देखने या कार्रवाई करने की फुर्सत नहीं मिली।

गांवों में टैंकरों के लिए डीएम का निर्देश
बांदा। डीएम योगेश कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों से कहा है कि तापमान अपने चरम पर है। ऐसे में टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। क्षेत्र के अधिकारियों, पंचायत सचिवों और प्रधानों को ये स्पष्ट कर दें कि टैंकर को दिन में जितनी बार भी जरूरत हो पानी भरवाकर गांवों में पहुंचाए। रोजाना सिर्फ एक या दो बार टैंकर से जलापूर्ति की बाध्यता नहीं है।

अफसरों के साथ सपा अध्यक्ष का भ्रमण
बांदा। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने शनिवार को भी सुबह मर्दननाका, छिपटहरी, कालवनगंज, कोतवाली रोड आदि इलाकों को भ्रमण किया। उनके साथ में जल संस्थान एक्सईएन सुरेश चंद्र और एई रामलखन मौर्य भी थे। मोहल्ले के लोगों ने टूटी-फूटी पाइप लाइनें दिखाईं। पानी का संकट बताया।


अध्यक्ष ने जल संस्थान अभियंताओं से कहा कि इसका शीघ्र निस्तारण करें। पाइप लाइन दुरुस्त न होने तक टैंकरों से पानी भेजें। एई मौर्या ने बताया कि केन नदी में पानी की धारा बारी सब्जी लगाने वाले बांध देते हैं। इससे सप्लाई में बाधा आ रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि वह रोजाना शहर की आपूर्ति देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed