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दैवी आपदा से मौत नहीं मानता प्रशासन

Sat, 14 May 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Sat, 14 May 2016 11:45 PM IST
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The administration does not believe the death to natural disaster
बुंदेलखंड - फोटो : ब्यूरो, अमर उजाला

बांदा। आए दिन बुंदेलखंड मेें किसानों की सदमे से हो रही मौतों और आत्महत्याआें पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटे प्रशासन ने एक बार फिर अपना रटरटाया जवाब दिया है कि सूखा, भूख, ओला, पाला, अतिवृष्टि और कर्ज आदि के कारण कोई मृत्यु नहीं हुई है।

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तिरहार विकास मंच अध्यक्ष प्रमोद आजाद ने बुंदेलखंड के सभी जिलों के प्रशासन से आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी थी कि कितने किसानों से आत्महत्या की या कितने की सदमे आदि से मौत हुई? आजाद को फिलहाल बांदा और झांसी से ही जवाब मिला है। बांदा के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ने दी सूचना मेें कहा है कि जिले मेें वर्ष 2013-14 से अब तक सूखा, भूख, ओला, पाला, अतिवृष्टि, कर्ज आदि के कारण कोई मृत्यु होने की पुष्टि नहीं हुई है।
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साथ ही यह भी बताया है कि मृतकों के परिवारों को राहत दिए जाने के लिए भू-राजस्व की वसूली का स्थगन, वसूली के लिए किसी तरह की उत्पीड़न कार्रवाई न किए जाना, मृतक के परिवार को पात्रता के आधार पर राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराने जैसी योजनाएं संचालित हैं। उधर, झांसी जनपद के गरौंठा तहसील द्वारा दी गई जनसूचना मेें भी वर्ष 2013-14 से अब तक किसी किसान की मौत उपरोक्त कारणों से न होने की बात कही गई है।

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