{"_id":"69e132bac1bc59b6c0090ecd","slug":"the-12-day-long-pyre-protest-was-postponed-and-the-administration-was-given-time-banda-news-c-212-1-bnd1017-144696-2026-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: 12 दिन चला चिता आंदोलन स्थगित, प्रशासन को दी मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: 12 दिन चला चिता आंदोलन स्थगित, प्रशासन को दी मोहलत
Fri, 17 Apr 2026 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:34 AM IST
विज्ञापन
करतल (बांदा)। केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में उचित मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से चल रहा चिता आंदोलन आखिरकार बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया है। पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद आंदोलनकारी आदिवासी महिलाओं और किसानों ने सशर्त आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से परियोजना प्रभावितों को कुछ राहत मिली है, लेकिन उनकी मुख्य मांगें अभी भी पूरी होनी बाकी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना जो नदियों को जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन से कई ग्रामीण और आदिवासी समुदाय विस्थापित होने के कगार पर हैं। इन विस्थापितों की मुख्य मांग यह है कि उन्हें परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली अपनी भूमि का उचित मुआवजा मिले और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए। इसी मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से चिता आंदोलन चलाया जा रहा था। जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान शामिल थे।
आंदोलनकारियों और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए हैं। यह तय हुआ है कि कई उप-विभागीय अधिकारी स्वयं गांव-गांव जाकर विस्थापितों की समस्याओं का जायजा लेंगे और सर्वे में पाई गई विसंगतियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। इस आश्वासन के आधार पर, आंदोलनकारियों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है।
विज्ञापन
इधर, आंदोलन के प्रणेता अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन का स्थगन केवल 10 दिनों के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार और प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करते हैं तो क्षेत्र में पुनः एक महा आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल, आंदोलनकारी प्रशासन द्वारा किए जाने वाले 7 दिवसीय सर्वे के भरोसे पर धरने से उठे हैं।
विज्ञापन
केन-बेतवा लिंक परियोजना जो नदियों को जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन से कई ग्रामीण और आदिवासी समुदाय विस्थापित होने के कगार पर हैं। इन विस्थापितों की मुख्य मांग यह है कि उन्हें परियोजना के डूब क्षेत्र में आने वाली अपनी भूमि का उचित मुआवजा मिले और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाए। इसी मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से चिता आंदोलन चलाया जा रहा था। जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान शामिल थे।
विज्ञापन
आंदोलनकारियों और जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए हैं। यह तय हुआ है कि कई उप-विभागीय अधिकारी स्वयं गांव-गांव जाकर विस्थापितों की समस्याओं का जायजा लेंगे और सर्वे में पाई गई विसंगतियों को दूर करने का प्रयास करेंगे। इस आश्वासन के आधार पर, आंदोलनकारियों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है।
विज्ञापन
इधर, आंदोलन के प्रणेता अमित भटनागर ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन का स्थगन केवल 10 दिनों के लिए है। उन्होंने कहा कि यदि इस निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार और प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करते हैं तो क्षेत्र में पुनः एक महा आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल, आंदोलनकारी प्रशासन द्वारा किए जाने वाले 7 दिवसीय सर्वे के भरोसे पर धरने से उठे हैं।