फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Support groups are stitching uniforms with the help of others

दूसरों की सहायता से यूनिफार्म सिल रहे सहायता समूहू

Fri, 30 Oct 2020 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2020 11:46 PM IST
विज्ञापन
Support groups are stitching uniforms with the help of others
यूनिफार्म तैयार करतीं समूह की महिलाएं। - फोटो : BANDA
बांदा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की यूनिफार्म महिला स्वयं सहायता समूहों से सिलवाकर समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की सरकारी मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। जिन सहायता समूहों को यूनिफार्म सिलने का जिम्मा दिया गया है, उनकी ज्यादातर महिलाएं यूनिफार्म सिलना ही नहीं जानतीं।
विज्ञापन

ऐसे में समूह दूसरों से यूनिफार्म सिलवाकर अपनी मुहर लगा रहे हैं। उधर, विद्यालय प्रबंध समितियां समूहों से यूनिफार्म सिलवाने पर सहमत नहीं हैं। समितियों की शिकायत पर अपर निदेशक (बेसिक) जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में 15 अगस्त तक यूनिफार्म का वितरण हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना के चलते इसमें देरी हुई। अक्तूबर तक जिले के 2 लाख 15 हजार 456 बच्चों में डेढ़ लाख बच्चों को ही यूनिफार्म के दो सेट मिल पाए हैं। इस साल यूनिफार्म वितरण में 12 करोड़ 92 लाख 73 हजार 600 रुपये खर्च किए जाने हैं। अब तक 9 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। यह संपूर्ण खर्च का 75 फीसदी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है शासनादेश
शासनादेश के मुताबिक यूनिफार्म वितरण के लिए विद्यालय प्रबंध समिति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। प्रबंध समिति अपने क्षेत्र में उपलब्ध स्वयं सहायता समूह/महिला समूह/स्थानीय दर्जी से भी यूनिफार्म ले सकती है।
क्रय समिति आमंत्रित करती है कोटेशन
जिले के सभी विद्यालयों में 15 सदस्यीय समिति गठित है। इसमें अध्यक्ष अभिभावक व सचिव प्रधानाध्यापक होता है। इसी समिति द्वारा गठित 4 सदस्यीय क्रय समिति यूनिफार्म सिलाई, कपड़ा खरीद के लिए कोटेशन आमंत्रित करती है। कोटेशन वही फर्म/एजेंसी दे सकती है जो वित्तीय नियमों और मानक को पूरा करती हो।
दो सेट के निर्धारित हैं 600 रुपये
प्रत्येक विद्यालय में बच्चों की संख्या के हिसाब से प्रति बच्चा 600 रुपये यूनिफार्म का खर्च निर्धारित है। एक सत्र में एक बच्चे को दो सेट यूनिफार्म (सलवार, दुपट्टा, शर्ट व फ्राक, हाफ व फुल पैंट-शर्ट) दिए जाते हैं। जनपद में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की कुल संख्या 2 लाख 15 हजार 456 है। कुल विद्यालयों की संख्या 2036 है।
वर्जन...
यूनिफार्म वितरण के लिए विद्यालय प्रबंध समिति पूरी तरह से स्वतंत्र है। शासनादेश का उल्लंघन नहीं किया जा सकता। चुनिंदा स्वयं सहायता समूहों को सिलाई का काम दिलाने पर अपर निदेशक (बेसिक) पूरे प्रकरण को देख रहे हैं। -हरिश्चंद्र नाथ, बीएसए, बांदा।
80 फीसदी यूनिफार्म वितरित
यूनिफार्म वितरण का काम प्रगति पर है। अब तक डेढ़ लाख बच्चों को वितरण किया जा चुका है। यह 80 फीसदी है। शुरुआती दौर में कुछ दिक्कत आई थी। अब काम रफ्तार से चल रहा है। -सूर्य प्रकाश, जिला समन्वयक यूनिफार्म।
50 रुपये प्रति ड्रेस का वादा, अभी नहीं मिला धेला
स्वयं सहायता समूह (बेंदा) की संचालक सिमरन ने बताया कि शुरू में यूनिफार्म सिलने में दिक्कत हो रही थी। अब पूरी तरह सीख लिया है। ब्लॉक मिशन मैनेजर ने प्रति यूनिफार्म सिलाई का मेहनताना 50 रुपये देने की बात कही है। अब तक एक भी यूनिफार्म सिलाई का पैसा नहीं मिला।

शुरुआत में आई थी यूनिफार्म सिलने में दिक्कत
स्वयं सहायता समूह (बेंदा) में सिलाई करने वाली माया का कहना है कि यूनिफार्म सिलने का अनुभव नया था। शुरुआती दौर में कुछ दिक्कतें आईं। अब यूनिफार्म सिलने लगी हूं, लेकिन अभी तक सिलाई का पैसा नहीं आया है। पैसा न मिलने से समूह की महिलाएं आर्थिक तंगी का शिकार हैं।

माया।

माया।- फोटो : BANDA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed