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जेल में पॉलीथिन ले जाने पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:50 PM IST
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‘ग्रीन बांदा-क्लीन बांदा-पालीथिन मुक्त बांदा’ नारे पर यहां जेल में अमल शुरू हो गया है। जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से जेल के अंदर पालीथिन के थैले लाने पर रोक लगा दी है। जेल अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में जेलों में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने में बांदा पहली जेल है।
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जेल के बंदियों से मिलने आने वाले परिजन या मुलाकाती बड़ी संख्या में पॉलीथिन के थैलों में खाद्य या अन्य सामग्री लेकर आते थे। अब जेल प्रशासन ने पालीथिन के थैलों पर कड़ाई से रोक लगा दी है। मुलाकाती कपड़े के थैले में ही सामान लेकर जेल में दाखिल हो सकेेंगे। यह पाबंदी जेल स्टाफ पर भी लगाई गई है।
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अधीक्षक एचबी सिंह ने बताया कि कपड़ा, जूट आदि के थैलों को ही जेल के अंदर लाने की अनुमति दी जाएगी। अधीक्षक ने यह भी बताया कि जेल मेें बंद महिला बंदियों को आर्ट आफ लिविंग के तहत कपड़े के थैले बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। आकांक्षा समिति अध्यक्ष और जिलाधिकारी की पत्नी डॉ. विमलेश राठौर ने महिला बंदियों को झोले बनाने के लिए कपड़ा उपलब्ध कराया है।
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जेल प्रशासन ने धागा और मशीन आदि की व्यवस्था की। झोला सिलने के बदले महिला बंदियों को प्रति झोला 2 रुपये मेहनताना दिया जा रहा है। इन झोलों को सस्ती दर पर बेंचा भी जाएगा। थैले की कीमत 5 रुपये से 40 रुपये तक बताई गई है।