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बाहर दिखते ही सैनिक मार देते हैं गोली
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Soldiers shoot as soon as they are seen outside
- फोटो : BANDA
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बांदा। यूक्रेन में युद्ध कर रहे सैनिक नागरिकों के साथ भी नरमी नहीं बरत रहे हैं। जो भी बाहर दिखता है उसे गोली मार देते हैैं। खारकीव से निकलना मुश्किल हो गया है। यह जानकारी खारकीव से बुधवार को पोलैंड पहुंचे बांदा शहर के छात्र हिमेंद्र सिंह ने फोन पर बातचीत में परिजनों को दी है।
बांदा के सेढ़ू तलैया निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर चुन्ना सिंह और शकुंतला का बेटा हिमेंद्र सिंह 2019 में एमबीबीएस करने यूक्रेन गया था। वह तृतीय वर्ष का छात्र है। हिमेंद्र ने बुधवार को घर पर फोन कर बताया कि सोमवार को उसके छात्रावास के आसपास बमबारी शुरू हुई। उस समय छात्रावास में 16 छात्र-छात्राएं थे। सभी पैदल ही मेट्रो रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से स्लोवाकिया बार्डर रवाना होने वाले थे तभी यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास से फोन पर सूचना दी गई कि छात्रों के लिए बसों का इंतजाम कराया गया है। स्टेशन से पैदल चलकर पोलैंड बार्डर के पास खड़ी बसों तक पहुंचे।
बुधवार को बसों ने सभी को पोलैंड के होटल पहुंचा दिया गया। होटल में ठहरने की व्यवस्था भारतीय दूतावास ने की है। हिमेंद्र की सलामती की खबर से परिजनों की चिंता कम हो गई है।
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भारतीयों की जान बचाने की मांग
बांदा। सपा अल्पसंख्यक सभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एएस नोमानी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं को जान बचाने की मांग की है। कहा कि जो छात्र-छात्राएं निकलने की कोशिश कर रहे हैं उन पर सेना की ओर से फायरिंग की जा रही है। उनसे बदसलूकी की जा रही है। मोहनलाल, राम सुफल प्रजापति आदि मौजूद रहे। (
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बांदा के सेढ़ू तलैया निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर चुन्ना सिंह और शकुंतला का बेटा हिमेंद्र सिंह 2019 में एमबीबीएस करने यूक्रेन गया था। वह तृतीय वर्ष का छात्र है। हिमेंद्र ने बुधवार को घर पर फोन कर बताया कि सोमवार को उसके छात्रावास के आसपास बमबारी शुरू हुई। उस समय छात्रावास में 16 छात्र-छात्राएं थे। सभी पैदल ही मेट्रो रेलवे स्टेशन पहुंचे। ट्रेन से स्लोवाकिया बार्डर रवाना होने वाले थे तभी यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास से फोन पर सूचना दी गई कि छात्रों के लिए बसों का इंतजाम कराया गया है। स्टेशन से पैदल चलकर पोलैंड बार्डर के पास खड़ी बसों तक पहुंचे।
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बुधवार को बसों ने सभी को पोलैंड के होटल पहुंचा दिया गया। होटल में ठहरने की व्यवस्था भारतीय दूतावास ने की है। हिमेंद्र की सलामती की खबर से परिजनों की चिंता कम हो गई है।
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भारतीयों की जान बचाने की मांग
बांदा। सपा अल्पसंख्यक सभा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एएस नोमानी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं को जान बचाने की मांग की है। कहा कि जो छात्र-छात्राएं निकलने की कोशिश कर रहे हैं उन पर सेना की ओर से फायरिंग की जा रही है। उनसे बदसलूकी की जा रही है। मोहनलाल, राम सुफल प्रजापति आदि मौजूद रहे। (