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राहत में कंजूसी पर सांसद की फटकार
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:35 PM IST
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राहत कार्यों की जानकारी लेते सांसद विशंभर प्रसाद निषाद।
- फोटो : अमर उजाला
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खप्टिहाकलां। बाढ़ पीड़ितों को सिर छिपाने के लिए पॉलिथीन बांटने के नाम पर हो रहे मजाक से सपा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद भड़क गए। उन्होंने तहसीलदार को फटकार लगाई। दो मीटर के स्थान पर कम से कम 10 मीटर पॉलिथीन देने के निर्देश दिए। बाढ़ पीड़ितों ने राहत कार्यों में खामियों की शिकायतों की झड़ी लगा दी। बीमार बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त इलाज भी नहीं मिल रहा।
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गुरुवार को सांसद ने शिवपाल डेरा, छनिया डेरा और सेमरा डेरा में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। पीड़ितों ने बताया कि गिने-चुने लोगों को राहत पैकेट दिए गए हैं। पॉलिथीन इतनी छोटी है कि पूरे परिवार का सिर भी नहीं छिप पा रहा। सांसद ने वहां मौजूद तहसीलदार गिरिवर सिंह को निर्देश दिया कि लंच पैकेट के बजाय सूखा राशन, आटा, दाल, चावल आदि दिया जाए।
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कहा कि जब शासन से पूरी मदद मिल रही है तो स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में कमी क्यों कर रहा है? तहसीलदार ने कहा कि कानपुर से पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन मंगवाई जा रही है। सांसद ने नाव से नदी पार कर उस पार के बाढ़ पीड़ितों से भी मुलाकात की। सेमरा डेरा के रामचरन निषाद, इली, रानी ने बताया कि दवाओं के नाम पर चंद गोलियां और पाउडर देकर स्वास्थ्य टीम चलती बनी। सांसद ने अपने सामने दवाओं का वितरण कराया।
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उधर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अपर निदेशक डॉ. राकेश रमन ने खप्टिहाकलां, बगैचा डेरा और पैलानी में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का भ्रमण किया। पीड़ितों से उनकी परेशानी पूछी। पानी सिमट जाने के बाद गंदगी की चारों तरफ भरमार है। नायब तहसीलदार विपिन तिवारी मौजूद रहे।
उधर, ग्राम प्रधान जरर सिंह की निगरानी में 15 क्विंटल भूसा तीन डेरों के लिए भेजा जा रहा है। बड़े जानवर को पांच किलो और छोटे जानवर को मात्र तीन किलो भूसा दिया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रहे हैं।