{"_id":"662561069fb029af67001044","slug":"shopkeeper-dies-due-to-car-collision-banda-news-c-212-1-bnd1003-109595-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: फायर टैंकर न स्टाफ, खुद ही बुझाएं आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: फायर टैंकर न स्टाफ, खुद ही बुझाएं आग
विज्ञापन
बांदा। आग की घटनाओं से निपटने के लिए आप खुद तैयार रहें। फायर ब्रिगेड के भरोसे रहे तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्टाफ व संसाधनों की कमी से जूझ रहा अग्निशमन विभाग आपकी सेवा के लिए तत्पर तो है, लेकिन हो सकता है कि उसके पहुंचने के पहले ही सब समाप्त हो जाए।
जिले में 21 लाख की आबादी व 65 किलो मीटर के दायरे में सात हजार गांवों में होने वाले अग्निकांडों से सुरक्षा का दायित्य अग्निशमन विभाग पर है। प्रति वर्ष 600 से 700 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं होती है। इनसे निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास पांच हजार लीटर की क्षमता के तीन व 2500 लीटर के दो व 450 लीटर के तीन फायर टैंकर है। इनमें 5000 हजार लीटर के दो व 450 लीटर क्षमता के दो फायर टैंकर मुख्यालय में है। पांच हजार लीटर क्षमता का एक फायर टैंकर अतर्रा तहसील में व 2500 हजार लीटर के दो फायर टैंकर बबेरू व अतर्रा में खड़े है।
जब कि आबादी व क्षेत्रफल के लिहाज से जनपद में छोटे बडे 20 फायर टैंकर की आवश्यकता है। अब रहा स्टाप का सवाल तो 69 फायरमैनों में 27 ही कार्यरत है। एफएसओ के चार व एफएसएसओ के पांच पदों में एक-एक ही कार्यरत है। ऐसे में विभाग को बड़े अग्निकांडों में खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 21 लाख की आबादी व 65 किलो मीटर के दायरे में सात हजार गांवों में होने वाले अग्निकांडों से सुरक्षा का दायित्य अग्निशमन विभाग पर है। प्रति वर्ष 600 से 700 स्थानों पर आग लगने की घटनाएं होती है। इनसे निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास पांच हजार लीटर की क्षमता के तीन व 2500 लीटर के दो व 450 लीटर के तीन फायर टैंकर है। इनमें 5000 हजार लीटर के दो व 450 लीटर क्षमता के दो फायर टैंकर मुख्यालय में है। पांच हजार लीटर क्षमता का एक फायर टैंकर अतर्रा तहसील में व 2500 हजार लीटर के दो फायर टैंकर बबेरू व अतर्रा में खड़े है।
विज्ञापन
जब कि आबादी व क्षेत्रफल के लिहाज से जनपद में छोटे बडे 20 फायर टैंकर की आवश्यकता है। अब रहा स्टाप का सवाल तो 69 फायरमैनों में 27 ही कार्यरत है। एफएसओ के चार व एफएसएसओ के पांच पदों में एक-एक ही कार्यरत है। ऐसे में विभाग को बड़े अग्निकांडों में खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन