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शिव भक्त बोले- ‘बम-बम भोले’
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:53 PM IST
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सावन के पहले सोमवार पर बांदा के बांबेश्वर मंदिर में शिवलिंग पर पूजा-अर्चना करतीं महिला श्रद्धालु।
- फोटो : amarujala
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बांदा। सावन माह के पहले सोमवार को शिवालय ‘हर-हर महादेव’ से गूंज गए। तड़के से लाइन में लगे श्रद्धालुओं में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की होड़ रही। कई जगह शिवभक्तों ने भंडारा किया। उधर, ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग स्थित नीलकंठेश्वर शिव मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा।
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बांबेश्वर पर्वत में विराजमान शिव मंदिर में तड़के से भक्तों का तांता लगा रहा। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की होड़ रही। संकरी गुफा के अंदर स्थापित शिललिंग का दही, शहद व केवड़ा से भी अभिषेक हुआ। बेलपत्र व फूल चढ़ाकर चंदन का लेप लगाया।
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इस दौरान बांबेश्वर मंदिर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। फूलों और अगरबत्ती की सुगंध से परिसर महकता रहा। इसके अलावा कटरा स्थित शिव मंदिर, महेश्वरी देवी, संकट मोचन व काली देवी मंदिर में स्थापित शिव मूर्ति की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ रही। कैलाशपुरी पर्वत में कई शिवभक्तों ने भंडारा किया। बेटा महाराज की निगरानी में नीरज तिवारी, पुत्तन तिवारी आदि ने व्यवस्था संभाली।
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उधर, बबेरू में मढ़ीदाई मंदिर और अद्भुत शिव मंदिर में जलाभिषेक को श्रद्धालुओं में होड़ रही। ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग में स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में भी शिवभक्तों का रेला उमड़ा। दर्शन और पूजन के लिए दूर तक श्रद्धालुओं की लंबी लाइन रही। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु भी मंदिर पहुंचे।
तड़के से देर रात का पूजा-अर्चना का सिलसिला चला। खप्टिहा कलां में कालेश्वर मंदिर में भी यही हाल रहा। बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक मढ़ी दाई मंदिर में शिव मूर्ति और अद्भुत शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने महारुद्राभिषेक किया। आरती उतारी और प्रसाद बांटा। अतर्रा के गौराबाबा मंदिर में तड़के से दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रात में कीर्तन व आरती हुई।