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प्राधिकरण सचिव, दो अभियंताओं और चार पर एससीएसटी का केस दर्ज
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बांदा। अधिवक्ता के साथ बदसलूकी और मारपीट में बांदा विकास प्राधिकरण के सचिव और दो अवर अभियंताओं पर कई संगीन धाराओं की आपराधिक रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें चार अज्ञात व्यक्ति भी शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए अदालत ने आदेश दिए थे।
अधिवक्ता रविभूषण वर्मा की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 मार्च को दोपहर वह अपने अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ प्राधिकरण कार्यालय सुनवाई में गए थे। वहां चार-पांच दलाल पहले से बैठे थे।
प्राधिकरण सचिव ने जन सूचना देने से इनकार करते हुए अभद्रता की और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। साथी अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो सचिव ने दलालों को बुला लिया और मारपीट करके उनकी उंगली मरोड़ दी। अधिवक्ता जान बचाकर वहां से निकले। मारपीट और अभद्रता में दो अवर अभियंता व अज्ञात लोग भी शामिल रहे।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सचिव ने अधिवक्ता श्याम सुंदर राजपूत से फ्री होल्ड आदि के नाम पर 4 लाख 88 हजार रुपये मांगे। अधिवक्ता की अर्जी पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) ने 30 अप्रैल को अर्जी स्वीकार करते हुए परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए थे।
अदालत के आदेश के करीब 10 दिन बाद शहर कोतवाली में अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव आरपी द्विवेदी, अवर अभियंता रविंद्र गुप्ता व एसबी त्रिपाठी तथा चार अन्य अज्ञात के विरुद्ध उपद्रव, चोट पहुंचाना, अपमानित करना तथा एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना नगर क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। गौरतलब है कि आरोपी आरपी द्विवेदी का मूल पद अधिशासी अभियंता है। घटना के समय वह सचिव के चार्ज में बताए गए थे।
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अधिवक्ता रविभूषण वर्मा की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 मार्च को दोपहर वह अपने अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ प्राधिकरण कार्यालय सुनवाई में गए थे। वहां चार-पांच दलाल पहले से बैठे थे।
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प्राधिकरण सचिव ने जन सूचना देने से इनकार करते हुए अभद्रता की और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। साथी अधिवक्ताओं ने विरोध किया तो सचिव ने दलालों को बुला लिया और मारपीट करके उनकी उंगली मरोड़ दी। अधिवक्ता जान बचाकर वहां से निकले। मारपीट और अभद्रता में दो अवर अभियंता व अज्ञात लोग भी शामिल रहे।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सचिव ने अधिवक्ता श्याम सुंदर राजपूत से फ्री होल्ड आदि के नाम पर 4 लाख 88 हजार रुपये मांगे। अधिवक्ता की अर्जी पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) ने 30 अप्रैल को अर्जी स्वीकार करते हुए परिवाद के रूप में दर्ज करने के आदेश दिए थे।
अदालत के आदेश के करीब 10 दिन बाद शहर कोतवाली में अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव आरपी द्विवेदी, अवर अभियंता रविंद्र गुप्ता व एसबी त्रिपाठी तथा चार अन्य अज्ञात के विरुद्ध उपद्रव, चोट पहुंचाना, अपमानित करना तथा एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसकी विवेचना नगर क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। गौरतलब है कि आरोपी आरपी द्विवेदी का मूल पद अधिशासी अभियंता है। घटना के समय वह सचिव के चार्ज में बताए गए थे।