छात्राएं कालेज से विदा हो गईं तब हुआ ‘शक्ति परी’ में चयन

अमर उजाला ब्यूरो बांदा Updated Fri, 10 Nov 2017 10:58 PM IST
Schoolgirls depart from college, selection in Power angel
demo pic - फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस की लेटलतीफी से तमाम छात्राएं ‘शक्ति परी’ नहीं बन सकीं। करीब तीन साल तक आवेदनों को लंबित रखने का नतीजा यह हुआ कि इस बीच तमाम छात्राओं की पढ़ाई पूरी हो गई या उन्होंने महाविद्यालय छोड़ दिया। सिर्फ महिला डिग्री कालेज में लगभग 25 छात्राएं ऐसी हैं जो महाविद्यालय से रुखसत हो चुकी हैं। अब स्कूल-कालेजों की छात्राओं को ‘शक्ति परी’ (पावर एंजिल) का तमगा और ‘स्पेशल पुलिस आफीसर’ (एसपीओ) का दर्जा दिया गया है।
स्कूली छात्राओं और महिला अपराधों पर लगाम कसने के लिए यूपी पुलिस ने हर कालेज की तेज-तर्रार छात्राओं को ‘पावर एंजिल’ का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक नवनीत सिकेरा ने प्रधानाचार्यों को पत्र भेजे थे। ‘अमर उजाला’ ने 24 जनवरी 2015 को इसकी प्रमुखता से खबर छापकर छात्राओं का रुझान बढ़ाया था। ‘शक्ति परी’ (पावर एंजिल) का तमगा और ‘स्पेशल पुलिस आफीसर’ (एसपीओ) के लिए छात्राओं ने जनवरी 2015 में आवेदन भरे थे।

बांदा जिले के 22 स्कूल-कालेजों से 394 छात्र-छात्राओं ने आवेदन भरकर पुलिस महानिरीक्षक (वूमेन पावर लाइन, लखनऊ) को भेजे थे। इस बीच आवेदन करने वाली छात्राएं लगातार तीन साल तक इंतजार करती रहीं। अब आवेदन करने वाली छात्राओं को ‘शक्ति परी’ का दर्जा दिया गया। बांदा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में 102 छात्राओं को यह दर्जा मिला है। प्राचार्य डा.बालकृष्ण पांडेय ने बताया कि इन छात्राओं को एसपीओ अर्थात स्पेशल पुलिस आफीसर का दर्जा दिया गया है। इन छात्राओं को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बाकायदा ‘शक्ति परी’ के रूप में परिचय पत्र जारी किए हैं। यह महाविद्यालय को प्राप्त हो गए हैं। छात्राएं परिचय पत्र प्राप्त कर लें। अब यह छात्राएं वूमेन पावर लाइन-1090 के तहत शहरी और ग्रामीण महिलाओं में सुरक्षा के साथ आत्मविश्वास और हिम्मत पैदा करेंगी। शोहदों और अपराधियों को पुलिस के हवाले कराने में विशेष भूमिका अदा करेंगी।


22 कालेजों की 394 छात्राओं ने किए थे आवेदन

स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ) का दर्जा हासिल करके शक्ति परी बनने के लिए छात्राओं में काफी उत्साह और दिलचस्पी थी। यही वजह है कि बांदा जनपद के विभिन्न 22 इंटर और डिग्री कालेजों की छात्राओं ने जनवरी 2015 में आवेदन किए थे। सबसे ज्यादा छात्राएं राजकीय महिला डिग्री कालेज, बांदा की थीं। इनके अलावा जेएन डिग्री कालेज, आर्य कन्या, सेंट मेरीज, बीपी ओमर, राजकीय पालीटेक्निक, जीजीआईसी, राजा देवी डिग्री कालेज, एकलव्य महाविद्यालय, फात्मा गर्ल्स कालेज, केसीएनआईटी, विद्यावती मेमोरियल, रामेश्वर प्रसाद इंटर कालेज, पचनेही, गांधी इंटर कालेज ओरन, भीमराव अंबेडकर कालेज, गिरवां, फरजंद अली कालेज करबई, सरस्वती इंटर कालेज, अतर्रा, अतर्रा डिग्री कालेज, एचआईसी अतर्रा, जीआईसी फतेहगंज, केपी शास्त्री इंटर कालेज व दीनानाथ पांडेय कालेज बदौसा आदि शामिल हैं।

 

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