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बिना मास्क कक्षा छह के बच्चे पहुंचे
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- फोटो : BANDA
बांदा। जूनियर हाईस्कूल खुलने के दूसरे दिन (बृहस्पतिवार) इस श्रेणी की सबसे छोटी कक्षा छठवीं की बारी थी। किशोर उम्र बालक-बालिकाएं पहले दिन स्कूल तो आए, लेकिन बहुत ही कम संख्या में। कोरोना से बचाव की गाइड लाइन का पालन भी 50-50 रहा। यानि उपस्थित आधे बच्चों ने मास्क नहीं पहना। कमोवेश यही स्थिति उनके गुरुजनों की थी।
मुख्यालय के स्कूलों में व्यवस्थाएं कुछ गनीमत रहीं, लेकिन ग्रामीण स्कूलों में शासन की कोरोना गाइडलाइन ज्यादातर दरकिनार कर दी गईं। कई जगह अभिभावक खुद बच्चों को लेकर आए और स्कू ल की व्यवस्थाएं भी देखीं। पुलिस लाइन जूनियर स्कूल में बच्चों की उपस्थित बेहद कम रही। दोपहर तक 196 में मात्र चार बच्चे उपस्थित थे। अधिकांश मास्क पहने थे। खानकाह इंटर कॉलेज में 50 पंजीकृत बच्चों में से सिर्फ आठ ने हाजिरी दी।
टीचर से लेकर बालक-बालिकाएं तक बिना मास्क के मिले। नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज में जो भी छात्राएं उपस्थित थीं, उनमें अधिकांश मास्क लगाए थीं। उन्हें मिड-डे मील भी परोसा गया। जूनियर स्कूल खिन्नी नाका में 18 बच्चों में महज दो बच्चे ही उपस्थित हुए। जूनियर विद्यालय कटरा में पंजीकृत 11 में मात्र 6 ही स्कूल आए।
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इंसेट---
फोटो परिचय-4- संदीप
10 माह बाद दोस्त मिले, अच्छा लगा
बजरंग इंटर कॉलेज के छात्र संदीप ने बताया कि माता-पिता ने स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। सहमतिपत्र पहले से ही भर चुके थे। 10 महीने बाद स्कूल खुलने से दोस्तों से मिलना अच्छा लगा। यहां पढ़ाई का माहौल भी है। घर में पढ़ाई नहीं हो पा रही थी।
इंसेट---
फोटो परिचय-5- आलिया
स्कूल भेजने में मां की भूमिका रही
खानकाह इंटर कॉलेज की छात्रा आलिया को स्कू ल भेजने में मुख्य भूमिका मम्मी की रही। आलिया बोली ने कहा कि मम्मी ने पढ़ाई का हवाला देकर स्कूल भेजा है, साथ ही कोरोना से बचने वाली हिदायतें भी दीं हैं। इन पर अमल करके वह कक्षा पढ़ेगी।
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मुख्यालय के स्कूलों में व्यवस्थाएं कुछ गनीमत रहीं, लेकिन ग्रामीण स्कूलों में शासन की कोरोना गाइडलाइन ज्यादातर दरकिनार कर दी गईं। कई जगह अभिभावक खुद बच्चों को लेकर आए और स्कू ल की व्यवस्थाएं भी देखीं। पुलिस लाइन जूनियर स्कूल में बच्चों की उपस्थित बेहद कम रही। दोपहर तक 196 में मात्र चार बच्चे उपस्थित थे। अधिकांश मास्क पहने थे। खानकाह इंटर कॉलेज में 50 पंजीकृत बच्चों में से सिर्फ आठ ने हाजिरी दी।
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टीचर से लेकर बालक-बालिकाएं तक बिना मास्क के मिले। नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज में जो भी छात्राएं उपस्थित थीं, उनमें अधिकांश मास्क लगाए थीं। उन्हें मिड-डे मील भी परोसा गया। जूनियर स्कूल खिन्नी नाका में 18 बच्चों में महज दो बच्चे ही उपस्थित हुए। जूनियर विद्यालय कटरा में पंजीकृत 11 में मात्र 6 ही स्कूल आए।
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फोटो परिचय-4- संदीप
10 माह बाद दोस्त मिले, अच्छा लगा
बजरंग इंटर कॉलेज के छात्र संदीप ने बताया कि माता-पिता ने स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। सहमतिपत्र पहले से ही भर चुके थे। 10 महीने बाद स्कूल खुलने से दोस्तों से मिलना अच्छा लगा। यहां पढ़ाई का माहौल भी है। घर में पढ़ाई नहीं हो पा रही थी।
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फोटो परिचय-5- आलिया
स्कूल भेजने में मां की भूमिका रही
खानकाह इंटर कॉलेज की छात्रा आलिया को स्कू ल भेजने में मुख्य भूमिका मम्मी की रही। आलिया बोली ने कहा कि मम्मी ने पढ़ाई का हवाला देकर स्कूल भेजा है, साथ ही कोरोना से बचने वाली हिदायतें भी दीं हैं। इन पर अमल करके वह कक्षा पढ़ेगी।