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कहीं किराए का भवन, कहीं बिन अफसर का विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 21 Oct 2015 11:56 PM IST
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प्रदेश सरकार ने चित्रकूटधाम मंडल का गठन तो कर दिया पर डेढ़ दशक बाद भी
मंडलस्तरीय सभी अधिकारियों की तैनाती और कार्यालय स्थापित नहीं हो सके।
आज भी कई विभागों का काम झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ और आगरा के अधिकारियों से चलाया जा रहा है। कई विभाग किराये के भवन पर चल रहे हैं। कुछ ने जिला स्तरीय कार्यालय मेें ही घुसपैठ कर मंडल स्तरीय कार्यालय खोल लिया है।
पिछले वर्ष विधान परिषद सदस्य डा. यज्ञदत्त शर्मा ने विधान परिषद में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार को नोटिस दी थी। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने उनको दिए लिखित जवाब में बताया था कि चित्रकूटधाम मंडल में कुल 57 मंडलीय कार्यालय हैं। इनमें मात्र 26 में अधिकारी तैनात हैं।
31 विभागों में मंडलस्तरीय काम झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ और आगरा में तैनात अधिकारियों से चलाया जा रहा है। मंत्री ने अपने पत्र के साथ इन सभी विभागों की सूची भी दी थी। सूची के मुताबिक 21 मंडलस्तरीय कार्य झांसी से हो रहे हैं। तीन मंडल अधिकारी इलाहाबाद में हैं। लखनऊ में दो और आगरा में तैनात एक अधिकारी चित्रकूटधाम मंडल का काम देख रहे हैं।
मंडल गठन के बाद अब तक मंडलायुक्त कार्यालय और आवास का भवन नहीं बन सका। कृषि विभाग के कार्यालय में कमिश्नर कार्यालय और आवास चल रहा है। सिंचाई विभाग के भवन को किराये पर लेकर डीआईजी कार्यालय खोला गया। मंडल मेें अधिकारियों और भवनों का सूरते हाल कमोवेश जस की तस है।
आरटीआई में मिली ताजी सूचना मेें भी यही स्थितियां उजागर हुई हैं। समाजसेवी कुलदीप शुक्ला ने मंडल स्तर पर कार्यरत विभागों, अधिकारियों आदि की जानकारी मांगी थी। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को यह सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, लेकिन मात्र 12 विभागों ने ही उनको यह सूचना भेजी है।
उप महानिरीक्षक निबंधन (डीआईजी स्टांप) जैसा कमाऊ विभाग का कार्यालय अभी भी किराये के भवन में है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय पहले से चल रहे जिला सेवा योजन कार्यालय में खोला गया है। यह भवन किराये का है। इसी तरह उप निदेशक समाज कल्याण का कार्यालय विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय से चलाया जा रहा है।
वन संरक्षक का कार्यालय जिला प्रभागीय वनाधिकारी के यहां चल रहा है। भूरागढ़ स्थित जल निगम के डाक बंगले को खत्म करके महाप्रबंधक जल संस्थान और अधीक्षण अभियंता जल निगम के कार्यालय खोल दिए गए हैं। उपायुक्त (खाद्य) के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई। आरएफसी को इसका अतिरिक्त चार्ज मिला है।
आज भी कई विभागों का काम झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ और आगरा के अधिकारियों से चलाया जा रहा है। कई विभाग किराये के भवन पर चल रहे हैं। कुछ ने जिला स्तरीय कार्यालय मेें ही घुसपैठ कर मंडल स्तरीय कार्यालय खोल लिया है।
पिछले वर्ष विधान परिषद सदस्य डा. यज्ञदत्त शर्मा ने विधान परिषद में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार को नोटिस दी थी। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने उनको दिए लिखित जवाब में बताया था कि चित्रकूटधाम मंडल में कुल 57 मंडलीय कार्यालय हैं। इनमें मात्र 26 में अधिकारी तैनात हैं।
31 विभागों में मंडलस्तरीय काम झांसी, इलाहाबाद, लखनऊ और आगरा में तैनात अधिकारियों से चलाया जा रहा है। मंत्री ने अपने पत्र के साथ इन सभी विभागों की सूची भी दी थी। सूची के मुताबिक 21 मंडलस्तरीय कार्य झांसी से हो रहे हैं। तीन मंडल अधिकारी इलाहाबाद में हैं। लखनऊ में दो और आगरा में तैनात एक अधिकारी चित्रकूटधाम मंडल का काम देख रहे हैं।
मंडल गठन के बाद अब तक मंडलायुक्त कार्यालय और आवास का भवन नहीं बन सका। कृषि विभाग के कार्यालय में कमिश्नर कार्यालय और आवास चल रहा है। सिंचाई विभाग के भवन को किराये पर लेकर डीआईजी कार्यालय खोला गया। मंडल मेें अधिकारियों और भवनों का सूरते हाल कमोवेश जस की तस है।
आरटीआई में मिली ताजी सूचना मेें भी यही स्थितियां उजागर हुई हैं। समाजसेवी कुलदीप शुक्ला ने मंडल स्तर पर कार्यरत विभागों, अधिकारियों आदि की जानकारी मांगी थी। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को यह सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, लेकिन मात्र 12 विभागों ने ही उनको यह सूचना भेजी है।
उप महानिरीक्षक निबंधन (डीआईजी स्टांप) जैसा कमाऊ विभाग का कार्यालय अभी भी किराये के भवन में है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय पहले से चल रहे जिला सेवा योजन कार्यालय में खोला गया है। यह भवन किराये का है। इसी तरह उप निदेशक समाज कल्याण का कार्यालय विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय से चलाया जा रहा है।
वन संरक्षक का कार्यालय जिला प्रभागीय वनाधिकारी के यहां चल रहा है। भूरागढ़ स्थित जल निगम के डाक बंगले को खत्म करके महाप्रबंधक जल संस्थान और अधीक्षण अभियंता जल निगम के कार्यालय खोल दिए गए हैं। उपायुक्त (खाद्य) के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई। आरएफसी को इसका अतिरिक्त चार्ज मिला है।