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रिमांड कस्टडी अर्जी पर आज फिर होगी सुनवाई
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फोटो-1- जेई रामभवन- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKUTT
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बांदा। बच्चों के यौन शोषण के आरोपी जूनियर इंजीनियर (निलंबित) रामभवन को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए मंगलवार को एक बार फिर सीबीआई और आरोपी पक्ष के अधिवक्ता आमने-सामने होंगे। सीबीआई के अधिवक्ताओं ने यहां रिमांड अर्जी की मंजूरी के लिए तमाम दावे तैयार किए हैं तो दूसरी तरफ आरोपी के अधिवक्ताओं ने अर्जी खारिज करने की तमाम दलीलें जमा की हैं।
6 से 16 वर्ष तक के आधा सैकड़ा से भी ज्यादा बच्चों के यौन शोषण को हाईटेक पद्धति से देश-विदेश तक पहुंचाने पर सीबीआई के शिकंजे में आए चित्रकूट सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर रामभवन को दिल्ली की सीबीआई ने 16 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था।
एक दिन का रिमांड मिलने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। दोबारा 5 दिन की कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दी थी। इस अर्जी पर 19 नवंबर को सुनवाई करते हुए पास्को एक्ट न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने 24 नवंबर निर्धारित की थी। साथ ही न्यायाधीश ने सीबीआई की अर्जी पर आरोपी को 30 नवंबर तक बांदा जेल में रखने का आदेश दिया था। आरोपी बांदा जेल में है।
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मंगलवार (24 नवंबर) को कस्टडी रिमांड अर्जी पर एक बार फिर सुनवाई होगी। दिल्ली से आए सीबीआई के अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह और यहां एडीजीसी रामसुफल सिंह व मनोज दीक्षित अभियोजन की ओर से पैरवी करेंगे।
उधर, अभियुक्त की ओर से उसके अधिवक्ता अनुराग पटेल व देवदत्त तिवारी रिमांड अर्जी खारिज करने की वकालत करेंगे। आरोपी जेई को जेल से अदालत लाया जा सकता है या वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हो सकती है। इस दौरान न्यायालय और आसपास पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
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6 से 16 वर्ष तक के आधा सैकड़ा से भी ज्यादा बच्चों के यौन शोषण को हाईटेक पद्धति से देश-विदेश तक पहुंचाने पर सीबीआई के शिकंजे में आए चित्रकूट सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर रामभवन को दिल्ली की सीबीआई ने 16 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था।
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एक दिन का रिमांड मिलने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। दोबारा 5 दिन की कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दी थी। इस अर्जी पर 19 नवंबर को सुनवाई करते हुए पास्को एक्ट न्यायालय के न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने 24 नवंबर निर्धारित की थी। साथ ही न्यायाधीश ने सीबीआई की अर्जी पर आरोपी को 30 नवंबर तक बांदा जेल में रखने का आदेश दिया था। आरोपी बांदा जेल में है।
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मंगलवार (24 नवंबर) को कस्टडी रिमांड अर्जी पर एक बार फिर सुनवाई होगी। दिल्ली से आए सीबीआई के अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह और यहां एडीजीसी रामसुफल सिंह व मनोज दीक्षित अभियोजन की ओर से पैरवी करेंगे।
उधर, अभियुक्त की ओर से उसके अधिवक्ता अनुराग पटेल व देवदत्त तिवारी रिमांड अर्जी खारिज करने की वकालत करेंगे। आरोपी जेई को जेल से अदालत लाया जा सकता है या वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हो सकती है। इस दौरान न्यायालय और आसपास पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।