{"_id":"662989d4c47d7029ad04ae77","slug":"record-broken-maximum-temperature-crosses-43-banda-news-c-212-1-sknp1008-109739-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: टूटा रिकार्ड, अधिकतम पारा 43 पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: टूटा रिकार्ड, अधिकतम पारा 43 पार
विज्ञापन
बांदा। अप्रैल की शुरूआत गर्मी के तीखे तेवरों से हुई। मंगलवार को गर्मी का और अधिक विकराल रूप देखने को मिला। 10 सालों में पहली बार अप्रैल में अधिकतम पारा 44 डिग्री के इर्द गिर्द पहुंचा तो धरती गर्म तबे की तरह तपने लगी।
मंगलवार को तापमान ने अपने पिछले दस सालों के रिकार्ड को तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 44 डिग्री के इर्दगिर्द पहुंच गया।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इतना तापमान पिछले दस सालों में कभी नहीं हुआ। वातावरण से पूरी तरह नमी गायब हो गई। दिन प्रतिदिन तापमान बढ़ रहा है। दिन को आसमान से आग बरस रही थी। धरती गर्म तबे की तरह तप रही थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम से गर्म हवाएं आ रही है। अभी तापमान में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद ही वातावरण में नमी आएगी और आसमान में बादल छाएंगे व बारिश होगी।
उधर, मंगलवार को जिस्म झुलसा देने वाली गर्मी के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा। सडक़ों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़क में चलने वाले व्यक्ति को सूर्य की किरणे सुई की तरह चुभती रही। लोग थोडी दूर चलने के बाद छांव में बैठ जाते थे। कुछ देर आराम करने व गला तर करने के बाद आगे को बढ़े। ढि़लियां, रिक्शा वालों दोपहर को सड़क पर नहीं निकले। मजबूरी में निकले तो दो गुना पैसा लिया। मजदूर वर्ग ने दिन में एक बजे से तीन बजे तक काम करने से मना कर दिया। रोडवेज बस स्टैंड, प्राइवेट बस स्टैंड आदि में तपती धूप में लोग साधनों की तलाश में भटकते रहे।
विज्ञापन
24 अप्रैल का तापमान
वर्ष
तापमान
2016
39.1
2017
40.1
2018
39.0
2019
40.7
2020
39.8
2021
39.8
2022
41.9
2023
39.8
2024
43.7
वर्जन-
26 अप्रैल के बाद पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके बाद ही आसमान में बादल छाएंगे और बारिश भी हो सकती है। -दिनेश शाहा, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय बांदा।
विज्ञापन
मंगलवार को तापमान ने अपने पिछले दस सालों के रिकार्ड को तोड़ दिया। अधिकतम तापमान 44 डिग्री के इर्दगिर्द पहुंच गया।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इतना तापमान पिछले दस सालों में कभी नहीं हुआ। वातावरण से पूरी तरह नमी गायब हो गई। दिन प्रतिदिन तापमान बढ़ रहा है। दिन को आसमान से आग बरस रही थी। धरती गर्म तबे की तरह तप रही थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम से गर्म हवाएं आ रही है। अभी तापमान में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद ही वातावरण में नमी आएगी और आसमान में बादल छाएंगे व बारिश होगी।
विज्ञापन
उधर, मंगलवार को जिस्म झुलसा देने वाली गर्मी के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा। सडक़ों में सन्नाटा पसरा रहा। सड़क में चलने वाले व्यक्ति को सूर्य की किरणे सुई की तरह चुभती रही। लोग थोडी दूर चलने के बाद छांव में बैठ जाते थे। कुछ देर आराम करने व गला तर करने के बाद आगे को बढ़े। ढि़लियां, रिक्शा वालों दोपहर को सड़क पर नहीं निकले। मजबूरी में निकले तो दो गुना पैसा लिया। मजदूर वर्ग ने दिन में एक बजे से तीन बजे तक काम करने से मना कर दिया। रोडवेज बस स्टैंड, प्राइवेट बस स्टैंड आदि में तपती धूप में लोग साधनों की तलाश में भटकते रहे।
विज्ञापन
24 अप्रैल का तापमान
वर्ष
तापमान
2016
39.1
2017
40.1
2018
39.0
2019
40.7
2020
39.8
2021
39.8
2022
41.9
2023
39.8
2024
43.7
वर्जन-
26 अप्रैल के बाद पश्चिम विक्षोभ के सक्रिय होने की उम्मीद है। इसके बाद ही आसमान में बादल छाएंगे और बारिश भी हो सकती है। -दिनेश शाहा, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय बांदा।