फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Rammohan pledges to protect the environment by presenting plants to the bride and groom

Banda News: पर्यावरण दिवस पर विशेष...............

Sun, 04 Jun 2023 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 04 Jun 2023 11:53 PM IST
विज्ञापन
Rammohan pledges to protect the environment by presenting plants to the bride and groom
विश्व पर्यावरण दिवस पर विषेष
विज्ञापन

फोटो-04 बीएनडीपी-02, शहर में हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में नवदंपती को पौधा भेंट करते राम मोहन गुप्ता। (फाइल फोटो)
फोटो-04 बीएनडीपी-03, लोगों से पौधारोपण कराते शोभाराम कश्यप। (फाइल फोटो)
राममोहन वर-वधू को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का दिलाते हैं संकल्प
- शोभाराम को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की धुन, लोगों से कराते हैं पौधारोपण
- दोनों की मुहिम को लोगों का मिल रहा सहयोग, अफसर व आमजन साथ जुड़ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। वैवाहिक समारोह में अक्सर देखा जाता है कि लोग वर व वधू को सोने, चांदी के गहने, कपड़े व अन्य सामग्री भेंट करते हैं। लेकिन इस सबके बीच राममोहन गुप्ता ने नई पहल की है। वह वर वधू को ऐसा कोई गिफ्ट देने के स्थान पर पौधा भेंट करते हैं। जिसे लगाने व उसकी देखभाल का वर वधू से संकल्प लेते हैं। इसी तरह शोभाराम भी लोगों के जन्मदिन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में पहुंचकर पौधे भेंटकर लगवाने व देखभाल का संकल्प दिलाने कर पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी बने हैं।
शहर के महाराणा प्रताप चौराहा निवासी राममोहन गुप्ता को आज लोग ट्री मैन के नाम से भी जानते व पहचानते हैं। वह पिछले कई वर्ष से वैवाहिक कार्यक्रमों में जाकर वर व वधू को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। खास तौर से सामूहिक विवाह समारोह में पहुंचकर वर-वधू को पौधे देना नहीं भूलते हैंँ। राममोहन ने बताया कि जब वह हाईस्कूल में पहुंचे थे। तभी से उन्हें पौधे लगाने का शौक है। उनका कहना है कि हरे भरे पौधे देखकर उन्हें बेहद आनंद आता है। इसके चलते अब पौधे लगाना व दूसरों से लगवाना आदत में शुमार हो गया है। बताया कि उनकी मुहिम में कई अन्य लोग भी जुड़े हैं। इसी तरह शहर के मोहल्ला कटरा निवासी शोभाराम कश्यप की पहचान पर्यावरण संरक्षक व पक्षी प्रेमी के रूप में है। शोभाराम के बनाए घोसले लोगों के घरों व पेड़ों पर लटके मिलेंगे। इसके अलावा वह लोगों के जन्मदिन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में भी पहुंचकर पौधे लगवात हैं। करीब तीस वर्ष से वह यह मुहिम चला रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं।
विज्ञापन

-----------
फोटो-04 बीएनडीपी-04 भाथा पौधशाला में फैली हरियाली।
सात वर्ष में डेढ़ फीसदी बढ़ा बांदा का वनावरण
- 5153 हेक्टेयर है बांदा जनपद का वन एरिया

- जिला प्रशासन ने तीन वर्ष में एक करोड़ पौधे लगवाए
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिले के लोगों के साथ ही जिला प्रशसान भी प्रयास कर रहा है। इसके चलते फिलहाल जिले की आबोहवा बेहतर है। लगातार किये जा रहे पौधारोपण से सात वर्ष में जिले का वनावरण डेढ़ फीसदी बढ़ा है। वहीं तीन वर्ष में एक करोड़ से अधिक पौधे अकेले जिला प्रशासन ने लगवाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले का वन ऐरिया 5193 हेक्टेयर है। इसके साथ ही हर वर्ष जिला प्रशासन की तरफ से पौधारोपण कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने वर्ष 2019 से 2022 तक करीब 10,037,478 पौधे लगवाए हैं। इससे पिछले वर्षों में भी वन विभाग हर वर्ष पौध रोपण अभियान चलाता रहा है। इसके चलते जिले में हरियाली बढ़ती रही है। वन विभाग के डीएफओ संजय अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2015 में जिले का वनावनण सिर्फ एक फीसदी था। इसके चलते पर्यावरण प्रदूषित होने का खतरा बढ़ रहा था। इससे निपटने के लिए वर्ष दर वर्ष पौधों को रोपने की संख्या बढ़ाई जाती रही। पिछले तीन वर्ष में ही करीब एक करोड़ से ऊपर पौधे लगवाए गए हैं। इनमें से अच्छी संख्या में पौधे जीवित रहे जो अब वृक्ष बन चुके हैं। इसका प्रभाव वनावरण पर पड़ा है। जिले में 2015 से अब तक सात वर्ष में वनावरण डेढ़ फीसदी बढ़ा है। इसके चलते अब जिले का वनावरण ढाई फीसदी पहुंच गया है। बताया कि इस बार भी चालीस लाख से ऊपर पौधारोपण कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
जानिए किस वर्ष कितने पौधे लगाए गए
वर्ष 2019-20 में कुल पौधारोपण बांदा जिले में- 19,13,228।
वर्ष 2020-21 में कुल पौधरोपण बांदा जिले में- 36,71,000।
वर्ष 2021-22 में कुल पौधारोपण बांदा जिले में- 44,53,250।
----------
खास खबर
फोटो-04 बीएनडीपी- 01 गलौली गांव में लगे सवा सौ वर्ष पुराने इसी कल्पवृक्ष को विश्व विरासत वृक्ष घोषित करने का प्रस्ताव वन विभाग ने शासन को भेजा है।
गलौली गांव के कल्प वृक्ष को विश्व विरासत वृक्ष घोषित कराने की कवायत
डीएफओ ने उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड लखनऊ को भेजा प्रस्ताव
बलराम सिंह सेंगर
तिंदवारी। जसपुरा के गलौली गांव का सवा सौ वर्ष पुराना कल्प वृक्ष अब विश्व विरासत वृक्ष घोषित किया जायेगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार कल्पवृक्ष औषधीय है। इस वृक्ष के आसपास के बड़े एरिया का वातावरण काफी शुद्ध रहता है। बड़े दायरे में वृक्ष के आसपास कीट पतंगे व मच्छर आदि नहीं मिलते हैं।
गलौली गांव का कल्प वृक्ष जसपुरा क्षेत्रवासियों के लिए आस्था का केंद्र है ही, लेकिन पर्यावरण विदों के अनुसार कल्प वृक्ष की खासियत यह भी है कि कीट-पतंगों को यह आसपास फटकने नहीं देता और दूर-दूर तक वायु के प्रदूषण को समाप्त कर देता है। कल्पवृक्ष से सर्वाधिक सकारात्मक ऊर्जा निकलती है। इसलिए कहा गया है कि इस वृक्ष के नीचे बैठने से मनुष्य की मनोकामना पूर्ण होती हैं। यह एक परोपकारी मेडिस्नल-प्लांट भी है, अर्थात दवा देने वाला वृक्ष है। इसमें संतरे से छह गुना ज्यादा विटामिन %%सी%% होता है। गाय के दूध से दोगुना कैल्शियम होता है और इसके अलावा सभी तरह के विटामिन पाए जाते हैं। पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन में निकले 14 रत्नों में से एक कल्पवृक्ष भी था। समुद्र मंथन से प्राप्त यह वृक्ष देवराज इन्द्र को दे दिया गया था। इन्द्र ने इसकी स्थापना %%सुरकानन वन%% (हिमालय के उत्तर में) में कर दी थी। गलौली गांव के इस गुणकारी कल्प वृक्ष को विश्व विरासत वृक्ष घोषित करने के लिए वन अफसरों ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है।
------
वर्जन
डीएफओ संजय अग्रवाल ने बताया कि जसपुरा के गलौली गांव के करीब सवा सौ वर्ष पुराने कल्प वृक्ष को विश्व विरासत वृक्ष घोषित करने का प्रस्ताव लखनऊ भेजा है। इसके साथ ही जिले में ऐसे वृक्षों को खोजने का अभियान चलाया जा रहा है। फ़िलहाल जिले में एक ही कल्प वृक्ष है।

------
वर्जन
गलौली गांव के प्रधान व प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गांव के कल्प वृक्ष की पूजा पूर्वजों के समय से होती चली आ रही है। मान्यता है कि लोगों की मन्नते पूरी होती हैं। कल्पवृक्ष को विश्व विरासत वृक्ष घोषित करवाने को लेकर तीन वर्ष से प्रयासरत हैं। आसपास की जगह में पौधरोपण करवा कर मनरेगा पार्क बनवाने की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed