बांदा। प्रागीतालाब में दर्शकों के भारी हुजूम के बीच राम-रावण युद्ध की रामलीला और रावण वध व पुतला दहन के साथ शहर में परंपरागत चार दिवसीय दशहरा शुरू हो गया। रविवार को दूसरे दिन अलीगंज स्थित रामलीला मैदान में यही मंचन हुआ। देर रात तक घर-घर दशहरा मिलन चला। सोमवार को छाबी तालाब में और मंगलवार को जहीर क्लब में रामलीला तथा रावण के पुतले फूंके जाएंगे। अलग-अलग इलाकों में दशहरा मिलन होगा। शनिवार को पहले दिन प्रागीतालाब रामलीला समिति में राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ। देर रात तक निम्नीपार, छोटी बाजार, मर्दन नाका, खिन्नी नाका, खुटला, मढ़िया नाका आदि मोहल्लों में दशहरा मिलन हुआ। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी दशहरा की धूम रही। दूसरे दिन रविवार को अलीगंज रामलीला मैदान में यही लीला हुई। ‘खैंचि सरासन श्रवण लगि छाड़े सर एकतीस, रघुनायक सायक चले मानहु काल फनीस’ चौपाई गूंजते ही भगवान राम ने एक साथ इकत्तीस बाण छोड़कर रावण का वध कर दिया। परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। रावण के पुतले आग के हवाले कर दिए गए। अलीगंज, अतर्रा चुंगी, बाबूलाल चौराहा, खांईपार, गूलरनाका, छावनी आदि मोहल्लों में दशहरा मनाया गया। उधर, बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक औगासी रोड दशहरा मैदान में रामलीला मंचन हुआ। रावण और मेघनाद के भारी-भरकम पुतलों को आग लगा दी गई। राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों की अनुयायियों ने आरती उतारी। रामलीला परिसर में विधायक चंद्रपाल कुशवाहा, डा.बुद्ध प्रकाश अग्निहोत्री, सूर्यपाल सिंह यादव, सुधीर कुमार गुप्ता, प्रधानपति केशव प्रजापति आदि उपस्थित रहे।