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Banda News: टीएसी जांच पर उठे सवाल, जिन पर थे आरोप वही जांच करने आए
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फोटो- 28 टीएसी जांच करने पहुंचे आरोपी जेई व साथ खड़े ग्रामीण। संवाद
बांदा। क्षेत्र पंचायत निधि से ग्राम चंदवारा और गौरीखुर्द में बनी सड़कों में कथित भ्रष्टाचार की जांच के दौरान ही पूरी प्रक्रिया विवादों में घिर गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर गड़बड़ी के आरोप हैं वही जांच में शामिल होकर पूरी कार्रवाई को प्रभावित करते नजर आए।
शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले के अनुसार जांच के लिए परियोजना निदेशक (ग्राम्य विकास अभिकरण) और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को नामित किया गया था लेकिन परियोजना निदेशक मौके पर नहीं पहुंचे और बैठक का हवाला देकर अनुपस्थित रहे। वहीं सहायक अभियंता के साथ वही तकनीकी सहायक (जेई) भी मौजूद रहे जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के दौरान सड़कों की खुदाई भी उन्हीं के निर्देश पर कराई गई जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने जांच प्रक्रिया पर खुलकर असंतोष जताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह जांच केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।
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शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले के अनुसार जांच के लिए परियोजना निदेशक (ग्राम्य विकास अभिकरण) और लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को नामित किया गया था लेकिन परियोजना निदेशक मौके पर नहीं पहुंचे और बैठक का हवाला देकर अनुपस्थित रहे। वहीं सहायक अभियंता के साथ वही तकनीकी सहायक (जेई) भी मौजूद रहे जिनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के दौरान सड़कों की खुदाई भी उन्हीं के निर्देश पर कराई गई जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। शिकायतकर्ता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने जांच प्रक्रिया पर खुलकर असंतोष जताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह जांच केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है और वास्तविक तथ्यों को सामने लाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।
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