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लोक विमर्श साहित्य संगम में पुस्तकों का विमोचन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 18 Jun 2016 11:48 PM IST
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कवि संगम में पुस्तकों का विमोचन करते लेखक।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित लोक विमर्श साहित्य संगम में लेखकों व कवियों ने रचनाएं पढ़ीं। इस मौके पर ‘प्रतिपक्ष का पक्ष’ और ‘किला शास्त्र’ पुस्तकों का विमोचन हुआ। छावनी स्थित होटल में शनिवार को दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह ने दीप जलाकर किया।
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पहले सत्र में डीसीडीएफ अध्यक्ष सुधीर सिंह व किसान प्रेम सिंह ने बुंदेलखंड की कृषि व्यवस्था पर चर्चा की। दूसरे सत्र में नासिर अहमद सिकंदर, नरेंद्र पुंडरीक, रवींद्र, सिद्धेश्वर सिंह व योगेंद्र कृष्ण ने लोकोदय प्रकाशन द्वारा प्रकाशित आलोचक उमाशंकर परमार की पुस्तक ‘प्रतिपक्ष का पक्ष’ और संदीप मील की कहानी संग्रह ‘किला शास्त्र’ का विमोचन किया। तीसरे सत्र में राष्ट्रीय चित्रकार कुंवर रवींद्र और राजकिशोर राजन ने काव्य पाठ के साथ समकालीन रचना धर्मिता पर चर्चा की।
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परिचर्चा में साहित्यकार शशिभूषण मिश्र, अजीत प्रियदर्शी और उमाशंकर परमार ने कुंवर रवींद्र और राजकिशोर राजन की कविताओं में विचार और संवेदना का प्रतिरूपण बताया। मशहूर कवि नवनीत पांडेय, नरेंद्र कुमार, बुद्धिपाल, दीनदयाल सोनी, प्रेमनंदन, पीके सिंह, बृजेश नीरज, आनंद, जवाहरलाल जलज समेत स्थानीय कवि व रचनाकार मौजूद रहे। संचालन संयोजक उमाशंकर परमार व प्रत्यूष मिश्रा ने किया।
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