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Banda News: ईद की नमाज में मुल्क में अमन की दुआ
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बांदा। 29 दिनों तक रोजा-तरावीह की खास इबादतों के बाद शनिवार को ईदुल फितर पूरे जोश-खरोश से मनाई गई। ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करने के बाद रोजेदारों ने अपने मुल्क हिन्दोस्तान की तरक्की, अमन और एकता की दुआएं भी कीं।
शहर की मुख्य ईदगाह में सुबह साढ़े सात बजे मदरसा हथौरा के नाजिम मौलाना हाफिज कारी हबीब अहमद ने नमाज में इमामत का काम अंजाम दिया। खुत्बा के बाद उन्होंने दुआ कराई। मुल्क की खुशहाली और अमन की भी दुआ की। यहां कई हजार लोगों ने नमाज अदा की। ईदगाह के बाहर और आसपास की इमारतों की छतों पर पुलिस बल सुरक्षा में तैनात रहा। नजदीक स्थित अलीगंज पुलिस चौकी में प्रशासन और पुलिस के अफसर जमे रहे। उन्होंने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद भी दी। मुतावल्ली डाॅ. शेख सादी जमा ने ईदगाह में नमाज के इंतजाम कराए।
शहर में शेख सरवर साहब की मस्जिद, मरकज मस्जिद, हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, केवटरा ईदगाह, छावनी मदीना मस्जिद, ऊंट मोहाल, बोड़े की मस्जिद, पीरा मस्जिद, बिलाल मस्जिद बलखंडी नाका, आजाद नगर, जरैली कोठी दरगाह मस्जिद आदि में भी ईद की नमाज अदा की गई। सभी जगह पुलिस पूरे समय मौजूद रही।
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इनसेट...
सड़क पर रोक से दो बार में हुई नमाज
सड़क पर नमाज अदा करने पर लगी रोक के नतीजे में शहर की कई मस्जिदों में ईद की नमाज दो शिफ्टों में हुई। हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, गुलाबबाग, ऊंट मोहाल, पीरा मस्जिद आदि में कुछ समय के अंतराल में दो बार नमाज की जमातें हुईं।
इनसेट...
अयोध्या फैसले से भी ज्यादा चौकसी
ईद के मौके पर पुलिस और प्रशासन ने अबकी जितनी चौकसी दिखाई उतनी तो शायद अयोध्या प्रकरण के अदालती फैसले के दौरान भी यहां नजर नहीं आई थी। लोगों में चर्चा रही कि शायद अतीक-अशरफ हत्याकांड और उनके हत्यारों में एक युवक बांदा का भी शामिल होने से यह सतर्कता बरती गई। मस्जिदों और मुस्लिम मोहल्लों में शुक्रवार को जुमा अलविदा के दिन से ही दिन-रात पुलिस तैनात रही। पुलिस वाहनों के हूटर रात-दिन गूंजते रहे। शनिवार को भी तड़के से ही मुस्लिम इलाकों मर्दन नाका, अलीगंज, छिपटहरी, गूलरनाका, छावनी, खुटला आदि मोहल्लों की सड़कें और गलियां खाकी वर्दीधारियों से आबाद हो गई। थोड़ी-थोड़ी देर में अफसरों के वाहनों का काफिला दौड़ता रहा। डीएम, एसपी, सहित अन्य अधीनस्थ अफसर गश्त करते रहे। उधर, अलविदा और ईद शांतिपूर्वक निपट जाने पर पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने अपनी पीठ थपथपाई। हालांकि इसका श्रेय यहां के अमन पसंद हर वर्ग के बाशिंदों को है।
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शहर की मुख्य ईदगाह में सुबह साढ़े सात बजे मदरसा हथौरा के नाजिम मौलाना हाफिज कारी हबीब अहमद ने नमाज में इमामत का काम अंजाम दिया। खुत्बा के बाद उन्होंने दुआ कराई। मुल्क की खुशहाली और अमन की भी दुआ की। यहां कई हजार लोगों ने नमाज अदा की। ईदगाह के बाहर और आसपास की इमारतों की छतों पर पुलिस बल सुरक्षा में तैनात रहा। नजदीक स्थित अलीगंज पुलिस चौकी में प्रशासन और पुलिस के अफसर जमे रहे। उन्होंने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद भी दी। मुतावल्ली डाॅ. शेख सादी जमा ने ईदगाह में नमाज के इंतजाम कराए।
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शहर में शेख सरवर साहब की मस्जिद, मरकज मस्जिद, हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, केवटरा ईदगाह, छावनी मदीना मस्जिद, ऊंट मोहाल, बोड़े की मस्जिद, पीरा मस्जिद, बिलाल मस्जिद बलखंडी नाका, आजाद नगर, जरैली कोठी दरगाह मस्जिद आदि में भी ईद की नमाज अदा की गई। सभी जगह पुलिस पूरे समय मौजूद रही।
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सड़क पर रोक से दो बार में हुई नमाज
सड़क पर नमाज अदा करने पर लगी रोक के नतीजे में शहर की कई मस्जिदों में ईद की नमाज दो शिफ्टों में हुई। हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, गुलाबबाग, ऊंट मोहाल, पीरा मस्जिद आदि में कुछ समय के अंतराल में दो बार नमाज की जमातें हुईं।
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अयोध्या फैसले से भी ज्यादा चौकसी
ईद के मौके पर पुलिस और प्रशासन ने अबकी जितनी चौकसी दिखाई उतनी तो शायद अयोध्या प्रकरण के अदालती फैसले के दौरान भी यहां नजर नहीं आई थी। लोगों में चर्चा रही कि शायद अतीक-अशरफ हत्याकांड और उनके हत्यारों में एक युवक बांदा का भी शामिल होने से यह सतर्कता बरती गई। मस्जिदों और मुस्लिम मोहल्लों में शुक्रवार को जुमा अलविदा के दिन से ही दिन-रात पुलिस तैनात रही। पुलिस वाहनों के हूटर रात-दिन गूंजते रहे। शनिवार को भी तड़के से ही मुस्लिम इलाकों मर्दन नाका, अलीगंज, छिपटहरी, गूलरनाका, छावनी, खुटला आदि मोहल्लों की सड़कें और गलियां खाकी वर्दीधारियों से आबाद हो गई। थोड़ी-थोड़ी देर में अफसरों के वाहनों का काफिला दौड़ता रहा। डीएम, एसपी, सहित अन्य अधीनस्थ अफसर गश्त करते रहे। उधर, अलविदा और ईद शांतिपूर्वक निपट जाने पर पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने अपनी पीठ थपथपाई। हालांकि इसका श्रेय यहां के अमन पसंद हर वर्ग के बाशिंदों को है।