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न घेरा, न छेड़ा, शांति से गुजर गया नमाजियों का बेड़ा

Fri, 27 Dec 2019 07:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 07:00 PM IST
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Prayer in peace, police and officers stay away
सरवर साहब की मस्जिद से बाहर आते नमाजियों को फूल भेंट करते सिटी मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी। - फोटो : BANDA
अबकी जुमा की नमाज के बाद शहर की नवाबी जामा मस्जिद के बाहर सीएए और एनआरसी के खिलाफ न नारे गूंजे न कोई प्रदर्शन हुआ। नमाजियों का हुजूम खामोशी से घरों को चला गया। इसके पीछे खास वजह यह थी कि उन्हें मस्जिद के सामने खाकी का हुजूम और अफसरों का डेरा नजर नहीं आया।
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नमाजियों को न घेरा, न छेड़ा तो शांति से पार हो गया नमाजियों का बेड़ा। पिछले दो जुमा पर मुख्यालय की नवाबी जामा मस्जिद के बाहर नमाज के बाद सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन हुए थे। देर तक नारे गूंजे थे। डीआईजी, डीएम और एसपी को मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाना पड़ा था। मंडलायुक्त भी कुछ दूरी पर स्थित अलीगंज चौकी पर डटे रहे थे।
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अब की तीसरे जुमा को भी प्रशासन और पुलिस की तैयारी और सतर्कता पहले से ज्यादा थी। लेकिन अपनाई गई एक रणनीति कारगर रही। मस्जिद के गेट के ठीक सामने पिछली बार की तरह खाकी का हुजूम और अफसरों का जमघट नहीं किया गया।
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अलबत्ता यहां से करीब एक फर्लांग दूर जिला पंचायत चौराहे पर स्थित खांईपार पुलिस चौकी और दूसरी दिशा में लगभग इतनी ही दूर अलीगंज पुलिस चौकी में काफी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। आस-पास कुछ ऐसी जगहों पर भी पुलिस और अफसर जमे रहे जो मस्जिद से कुछ दूर थे। नमाज के बाद निकले नमाजियों को न पुलिस नजर आई न अफसर।
उन्हें पिछली बार की तरह पुलिस का न घेरा मिला न किसी छेड़ा। नतीजे में नमाजी शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों को कूच कर गए। दरअसल इस रणनीति की सलाह मुस्लिम वर्ग कुछ जिम्मेदारों ने अफसरों को दी थी।
मंडलायुक्त शरद कुमार सिंह, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम हीरालाल और एसपी गणेश प्रसाद साहा अलीगंज पुलिस चौकी में मौजूद रहे। प्रशासन की आरे से एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट जिले के लगभग सभी पुलिस उपाधीक्षक भी जामा मस्जिद से कुछ दूरी पर डटे रहे। लगभग पूरे जनपद के थानों का फोर्स भी तैनात रहा।
जुमा की नमाज के बाद जामा मस्जिद के मुतवल्ली डा. शेख सादी जमां, शहर काजी मौलाना कमरूद्दीन, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष हाजी शकील अली, पूर्व डीडीसी मोहम्मद इदरीस, मुशीर अहमद फारू की, हाजी शब्बीर अली आदि देर तक मौजूद रहे और लोगों से घर जाने की अपील करते रहे। उधर, खुफिया विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तथा मीडिया कर्मी भी पूरे समय डटे रहे।
गृह मंत्रालय के निर्देश पर जुमा के मद्देनजर पूर्व संध्या से ही जबरदस्त अलर्ट जारी किया गया था। शुक्रवार (जुमा) को सुबह से ही पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के नेतृत्व में शहर में फ्लैग मार्च किया गया। ड्रोन कैमरों की भी मदद ली गई। अपर एसपी एल बीके पाल, क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्र व राघवेंद्र सिंह, राजीव प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश आदि शामिल रहे।
सीएए और एनआरसी को लेकर चल रहे विरोध के माहौल में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद शहर की शेख सरवर साहब की मस्जिद में खुशनुमा माहौल रहा। नमाज के बाद नमाजियों ने मस्जिद के बाहर सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्र व इंस्पेक्टर शशि कुमार पांडेय और दिनेश सिंह आदि को गुलाब के फूल भेंट किए।

अफसरों ने इन्हें सहर्ष स्वीकारा और आभार जताया। उधर, मस्जिद के इमाम और शहर काजी मौलाना अकील मियां ने अपनी तकरीर में लोगों से कहा कि आपसी मेल मोहब्बत और भाईचारा हरहाल में बरकरार रखें। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी की मुखालफत शांतिपूर्ण ढंग से करें। संवाद
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