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Banda News: पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों का डाटा लीक, कई के बैंक खाते खाली
Tue, 20 Jan 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 20 Jan 2026 12:07 AM IST
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बांदा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों का डाटा लीक होने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसके चलते कई लाभार्थी महिलाओं और उनके पतियों के बैंक खातों से हजारों रुपये निकल गए हैं। साइबर अपराधियों ने इस डाटा का इस्तेमाल करते हुए लाभार्थियों को फंसाया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम विभाग ने लाभार्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पिछले एक माह में आठ से अधिक लाभार्थी महिलाओं और उनके पतियों के बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने रुपये निकाले हैं। बड़ोखर और तिंदवारी ब्लॉक के कई लाभार्थियों, जिनमें सीमा, कविता, माया, सुसमा आदि शामिल हैं। सभी के पतियों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से शिकायत की है कि मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों का डाटा लीक हो गया है। बताया कि साइबर अपराधी खुद को जिला कार्यक्रम विभाग का कर्मचारी बताकर लाभार्थियों और उनके पतियों को फोन करते हैं।
वे लाभार्थी का नाम, पता और नवजात के जन्म की तारीख जैसी जानकारी बताकर विश्वास जीतते हैं। इसके बाद वे खाता नंबर, ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और अन्य गोपनीय जानकारी मांगकर धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं और उनके खातों से रुपयों को ट्रांसफर कर लेते हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक लाभार्थियों के खाते से पैसे निकाले जा चुके हैं।
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इसे लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय ने मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सचेत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषाहार वितरण के पंजीकृत लाभार्थियों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी फोन कॉल के माध्यम से ठगा जा रहा है। कहा कि विभाग या बैंक कभी भी कॉल पर लाभार्थी का खाता नंबर, ओटीपी, या पेन नंबर जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।
यदि कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत समझा जाना चाहिए कि वह एक साइबर अपराधी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सलाह दी है कि यदि किसी लाभार्थी के साथ धोखाधड़ी की घटना घटित होती है तो उसे अविलंब स्थानीय साइबर सेल और टोल फ्री नंबर 1930 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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पिछले एक माह में आठ से अधिक लाभार्थी महिलाओं और उनके पतियों के बैंक खातों से साइबर अपराधियों ने रुपये निकाले हैं। बड़ोखर और तिंदवारी ब्लॉक के कई लाभार्थियों, जिनमें सीमा, कविता, माया, सुसमा आदि शामिल हैं। सभी के पतियों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से शिकायत की है कि मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों का डाटा लीक हो गया है। बताया कि साइबर अपराधी खुद को जिला कार्यक्रम विभाग का कर्मचारी बताकर लाभार्थियों और उनके पतियों को फोन करते हैं।
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वे लाभार्थी का नाम, पता और नवजात के जन्म की तारीख जैसी जानकारी बताकर विश्वास जीतते हैं। इसके बाद वे खाता नंबर, ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) और अन्य गोपनीय जानकारी मांगकर धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं और उनके खातों से रुपयों को ट्रांसफर कर लेते हैं। अब तक एक दर्जन से अधिक लाभार्थियों के खाते से पैसे निकाले जा चुके हैं।
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इसे लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप पांडेय ने मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सचेत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषाहार वितरण के पंजीकृत लाभार्थियों को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फर्जी फोन कॉल के माध्यम से ठगा जा रहा है। कहा कि विभाग या बैंक कभी भी कॉल पर लाभार्थी का खाता नंबर, ओटीपी, या पेन नंबर जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।
यदि कोई व्यक्ति ऐसी जानकारी मांगता है, तो उसे तुरंत समझा जाना चाहिए कि वह एक साइबर अपराधी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सलाह दी है कि यदि किसी लाभार्थी के साथ धोखाधड़ी की घटना घटित होती है तो उसे अविलंब स्थानीय साइबर सेल और टोल फ्री नंबर 1930 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।