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खतरे में 52 हजार लाभार्थियों की पेंशन
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:25 PM IST
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पेंशन योजना
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। आधार कार्ड लिंक न होने से जिले के करीब 52 हजार लाभार्थियों की वृद्धा और विधवा पेंशन पर संकट के बादल मंडरा रहे है। समाज कल्याण व प्रोवेशन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से चार माह में सिर्फ 11 फीसदी लाभार्थियों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जमा हुए हैं। पंचायत मित्रों को आधार कार्ड फीडिंग की जिम्मेदारी सौंपकर अधिकारी अन्य कार्यों में व्यस्त हैं।
शासन ने पिछले वर्ष डीएफटी (डायरेक्ट फंड ट्रांसफर) योजना लागू की थी। इसके लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य है। समाज कल्याण विभाग और प्रोवेशन विभाग के अधिकारियों को छह माह पहले आधार कार्ड लिंक कराने के निर्देश शासन ने दिए थे। जिले में विधवा पेंशन के 12,214 लाभार्थी हैं। इनमें अभी तक सिर्फ 2489 लाभार्थी ही आधार लिंक से जुड़े हैं। जिला प्रोवेशन अधिकारी का पद अर्से से खाली है।
इसका प्रभार सिटी मजिस्ट्रेट देख रहे हैं। व्यस्तता के चलते वे सिर्फ कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर में फाइलें मंगवाकर दस्तखत करते हैं। ऐसे में लाभार्थियों को आधार से जोड़ने के प्रयास यहां जीरो है। ऐसे ही वृद्धा पेंशन के 46,313 लाभार्थी हैं, जिनके खातों में सीधे पेंशन भेजी जा रही है। इनमें से सिर्फ 4228 लाभार्थियों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर जमा हुए हैं, जो कुल लाभार्थियों का सिर्फ 12 फीसदी है।
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शासन से जारी गाइड लाइन में जुलाई से अब सीधे लखनऊ से ही लाभार्थियों के खातों में पेंशन भेजी जाएगी। जिनके आधार कार्ड लिंक नहीं है और मोबाइल नंबर नहीं उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी पेंशन पर अगले माह से ब्रेक लग सकता है। साथ ही शासन ने पेंशन खाते में पहुंचते ही मोबाइल पर मैसेज आने का सिस्टम भी शुरू किया है। लेकिन मोबाइल नंबर न जमा होने से यह प्रक्रिया सुचारु नहीं हो पा रही।
पेंशन धारकों को आधार से जोड़ने के लिए पंचायत मित्रों को लगाया गया है। सख्ती के बाद भी वे इस काम को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों बैठक में डीएम को भी इससे अवगत कराया गया था। जल्द ही गांवों में कैंप लगाकर यह काम वरीयता से पूरा किया जाएगा।
-मुकेश कुमार गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी, बांदा।
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शासन ने पिछले वर्ष डीएफटी (डायरेक्ट फंड ट्रांसफर) योजना लागू की थी। इसके लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य है। समाज कल्याण विभाग और प्रोवेशन विभाग के अधिकारियों को छह माह पहले आधार कार्ड लिंक कराने के निर्देश शासन ने दिए थे। जिले में विधवा पेंशन के 12,214 लाभार्थी हैं। इनमें अभी तक सिर्फ 2489 लाभार्थी ही आधार लिंक से जुड़े हैं। जिला प्रोवेशन अधिकारी का पद अर्से से खाली है।
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इसका प्रभार सिटी मजिस्ट्रेट देख रहे हैं। व्यस्तता के चलते वे सिर्फ कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर में फाइलें मंगवाकर दस्तखत करते हैं। ऐसे में लाभार्थियों को आधार से जोड़ने के प्रयास यहां जीरो है। ऐसे ही वृद्धा पेंशन के 46,313 लाभार्थी हैं, जिनके खातों में सीधे पेंशन भेजी जा रही है। इनमें से सिर्फ 4228 लाभार्थियों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर जमा हुए हैं, जो कुल लाभार्थियों का सिर्फ 12 फीसदी है।
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शासन से जारी गाइड लाइन में जुलाई से अब सीधे लखनऊ से ही लाभार्थियों के खातों में पेंशन भेजी जाएगी। जिनके आधार कार्ड लिंक नहीं है और मोबाइल नंबर नहीं उपलब्ध कराए गए हैं, उनकी पेंशन पर अगले माह से ब्रेक लग सकता है। साथ ही शासन ने पेंशन खाते में पहुंचते ही मोबाइल पर मैसेज आने का सिस्टम भी शुरू किया है। लेकिन मोबाइल नंबर न जमा होने से यह प्रक्रिया सुचारु नहीं हो पा रही।
पेंशन धारकों को आधार से जोड़ने के लिए पंचायत मित्रों को लगाया गया है। सख्ती के बाद भी वे इस काम को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। पिछले दिनों बैठक में डीएम को भी इससे अवगत कराया गया था। जल्द ही गांवों में कैंप लगाकर यह काम वरीयता से पूरा किया जाएगा।
-मुकेश कुमार गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी, बांदा।