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भाजपा, सपा सहित तीन प्रत्याशियों के पर्चे वैध
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बांदा। बांदा-हमीरपुर प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के नामांकन पत्रों की मंगलवार को जिलाधिकारी न्यायालय में प्रेक्षक की मौजूदगी में जांच की गई। नामांकन पत्रों में खामियों के चलते पांच निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हो गए। भाजपा, सपा सहित तीन प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए। 24 मार्च (गुरुवार) को नाम वापसी है।
मंगलवार को सुबह से ही कलक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। प्रत्याशियों के समर्थक या पार्टी कार्यकर्ता तो दरकिनार अधिकारियों की चौखट पर अपनी फरियादें लेकर आने वाले आम लोगों को भी फटकने नहीं दिया गया। डीएम कक्ष में बनाए गए नामांकन कक्ष में डीएम/निर्वाचन अधिकारी अनुराग पटेल की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। एक-एक प्रत्याशी को अंदर बुलाकर नामांकन पत्रों की कमियां बताई गईं और उन्हें सुधारने का मौका दिया। यह प्रक्रिया शाम तक चली। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थक कलक्ट्रेट परिसर के बाहर मंडराते रहे। पुलिस ने किसी को फटकने नहीं दिया। कुछ यह भी अफवाह उड़ी कि सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो सकता है। इसे लेकर पुलिस ने और अपना सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया।
जांच में लवलेश कुमार, राधिका, जगतपाल, पप्पू उर्फ दिनेश व मनोज कुमार के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। गुरुवार (24 मार्च) को नाम वापसी के बाद चुनाव में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होगी। भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह सेंगर, सपा प्रत्याशी आनंद कुमार त्रिपाठी और एक मात्र निर्दलीय प्रत्याशी अतुल कुमार के परचे वैध पाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, शहर कोतवाल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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सत्तारूढ़ दल नेताओं ने अपनाए हथकंडे
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सत्तापक्ष के एक विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ पूरा दिन डटे रहे। सपा सहित अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों पर डोरे डालते रहे। बताते है कि इनके खौफ से एक निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन की जांच के पूर्व ही भाग खड़ा हुआ। प्रत्याशियों के कई प्रस्तावकों को अंदर इंट्री नहीं मिली। उधर, भाजपा के एक माननीय और एक अन्य कद्दावर नेता निर्दलीय प्रत्याशियों को एडीएम कक्ष में ले जाकर उन पर डोरे डालते रहे।
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मंगलवार को सुबह से ही कलक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। प्रत्याशियों के समर्थक या पार्टी कार्यकर्ता तो दरकिनार अधिकारियों की चौखट पर अपनी फरियादें लेकर आने वाले आम लोगों को भी फटकने नहीं दिया गया। डीएम कक्ष में बनाए गए नामांकन कक्ष में डीएम/निर्वाचन अधिकारी अनुराग पटेल की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। एक-एक प्रत्याशी को अंदर बुलाकर नामांकन पत्रों की कमियां बताई गईं और उन्हें सुधारने का मौका दिया। यह प्रक्रिया शाम तक चली। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थक कलक्ट्रेट परिसर के बाहर मंडराते रहे। पुलिस ने किसी को फटकने नहीं दिया। कुछ यह भी अफवाह उड़ी कि सपा प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो सकता है। इसे लेकर पुलिस ने और अपना सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया।
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जांच में लवलेश कुमार, राधिका, जगतपाल, पप्पू उर्फ दिनेश व मनोज कुमार के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। गुरुवार (24 मार्च) को नाम वापसी के बाद चुनाव में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होगी। भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र सिंह सेंगर, सपा प्रत्याशी आनंद कुमार त्रिपाठी और एक मात्र निर्दलीय प्रत्याशी अतुल कुमार के परचे वैध पाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र, सीओ सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, शहर कोतवाल सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सत्तापक्ष के एक विधायक, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपने समर्थकों के साथ पूरा दिन डटे रहे। सपा सहित अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों पर डोरे डालते रहे। बताते है कि इनके खौफ से एक निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन की जांच के पूर्व ही भाग खड़ा हुआ। प्रत्याशियों के कई प्रस्तावकों को अंदर इंट्री नहीं मिली। उधर, भाजपा के एक माननीय और एक अन्य कद्दावर नेता निर्दलीय प्रत्याशियों को एडीएम कक्ष में ले जाकर उन पर डोरे डालते रहे।

pamphlets of three candidates including bjp, sp are valid- फोटो : BANDA