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गैर इरादतन हत्या में एक को उम्रकैद, दूसरा बरी
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बांदा। करीब साढ़े 11 वर्ष पूर्व हुई गैर इरादतन हत्या में अदालत ने हत्याभियुक्त को आजीवन कारावास की और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। इसी मामले के एक अन्य अभियुक्त को बरी कर दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के क्योटरा पहाड़ तले निवासी बलखंडी केवट पुत्र बाबू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 फरवरी 2009 को उसका 21 वर्षीय पुत्र अनिल घर के नजदीक छाबी तालाब तट पर स्थित शराब के दुकान के बाहर नशे की हालत में पड़ा हुआ था। तभी उसे बड़कू पुत्र रामप्रसाद केवट व चुनुबाद पुत्र बच्चू केवट (निवासीगण कहला, कोतवाली नगर) उसे उठा ले गए और कुछ दूर गेहूं के खेत में फेंक दिया।
इससे अनिल के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी वहीं मौत हो गई। कई दिनों बाद 26 फरवरी को शव पड़ा मिला। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध 22 फरवरी 2009 को धारा 304 व 201 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आरोपी बड़कू को 28 फरवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दूसरे आरोपी चुनुबाद ने 6 मार्च 2009 को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में दोनों की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट से मंजूर हो गई।
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दोनों पक्षों की दलीलें, गवाही, सुबूत आदि के बाद मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस केस का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त बड़कू केवट को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। दूसरे अभियुक्त चुनुबाद को दोषमुक्त पाते हुए बरी कर दिया। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने छह गवाह पेश किए। अभियुक्त चुनुबाद की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह ने की। दोनों हत्याभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।
प्रताड़ना के आरोपी का कोर्ट में सरेंडर
बांदा। प्रताड़ना से तंग आकर महिला द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के आरोपी ने अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। उसे जेल भेज दिया गया। गिरवां थाना क्षेत्र के स्योढ़ा गांव में रामनरेश यादव पुत्र बिंदा व उसके परिवार में पड़ोसी महिला को प्रताड़ित किया। इससे तंग आकर महिला ने 31 मई 2020 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पति मजदूरी के लिए दिल्ली में था। 11 जून को वापस आने पर आरोपी परिवार के विरुद्ध धारा 306, 447, 448 की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी रामनरेश यादव ने मंगलवार को प्रभारी सीजेएम नदीम अनवर की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। साथ ही अधिवक्ता के जरिए जमानत की अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद प्रभारी सीजेएम ने अर्जी खारिज कर दी। आरोपी को जेल भेज दिया गया।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के क्योटरा पहाड़ तले निवासी बलखंडी केवट पुत्र बाबू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 फरवरी 2009 को उसका 21 वर्षीय पुत्र अनिल घर के नजदीक छाबी तालाब तट पर स्थित शराब के दुकान के बाहर नशे की हालत में पड़ा हुआ था। तभी उसे बड़कू पुत्र रामप्रसाद केवट व चुनुबाद पुत्र बच्चू केवट (निवासीगण कहला, कोतवाली नगर) उसे उठा ले गए और कुछ दूर गेहूं के खेत में फेंक दिया।
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इससे अनिल के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी वहीं मौत हो गई। कई दिनों बाद 26 फरवरी को शव पड़ा मिला। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध 22 फरवरी 2009 को धारा 304 व 201 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आरोपी बड़कू को 28 फरवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दूसरे आरोपी चुनुबाद ने 6 मार्च 2009 को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में दोनों की जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट से मंजूर हो गई।
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दोनों पक्षों की दलीलें, गवाही, सुबूत आदि के बाद मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस केस का फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त बड़कू केवट को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। दूसरे अभियुक्त चुनुबाद को दोषमुक्त पाते हुए बरी कर दिया। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने छह गवाह पेश किए। अभियुक्त चुनुबाद की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता रामस्वरूप सिंह ने की। दोनों हत्याभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।
प्रताड़ना के आरोपी का कोर्ट में सरेंडर
बांदा। प्रताड़ना से तंग आकर महिला द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के आरोपी ने अदालत में आत्म समर्पण कर दिया। उसे जेल भेज दिया गया। गिरवां थाना क्षेत्र के स्योढ़ा गांव में रामनरेश यादव पुत्र बिंदा व उसके परिवार में पड़ोसी महिला को प्रताड़ित किया। इससे तंग आकर महिला ने 31 मई 2020 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पति मजदूरी के लिए दिल्ली में था। 11 जून को वापस आने पर आरोपी परिवार के विरुद्ध धारा 306, 447, 448 की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी रामनरेश यादव ने मंगलवार को प्रभारी सीजेएम नदीम अनवर की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। साथ ही अधिवक्ता के जरिए जमानत की अर्जी दाखिल की। सुनवाई के बाद प्रभारी सीजेएम ने अर्जी खारिज कर दी। आरोपी को जेल भेज दिया गया।